
गोरखपुर। यूपी में फूलन देवी के हत्यारोपी शेर सिंह राणा को ठाकुर समाज जगह-जगह सम्मानित कर रहा। पिछले कई दिनों से राणा पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में महाराणा प्रताप जयंती के कार्यक्रमों में शिरकत किया। रविवार को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार में फरियाद सुन रहे थे तभी शेर सिंह राणा ने मंदिर परिसर में पहुंच कर सबको चौका दिया।
हालांकि, मंदिर में पहुंचे राणा ने यहां आने का उद्देश्य केवल गोरखनाथ मंदिर में दर्शन ही बताया। वह मंदिर में पूजन-अर्चन किए। उनके साथ सजातीय संगठन से जुड़े तमाम लोग थे।
कौन हैं शेर सिंह राणा
उत्तराखंड के रहने वाले शेर सिंह राणा मूलतः उतराखंड के रहने वाले हैं। 2001 में शेर सिंह राणा अचानक सुर्खियों में आया जब दिल्ली में सांसद आवास के सामने उसने पूर्व दस्यु सुंदरी व सांसद फूलन देवी को गोलियों से भून दिया था। घटना के दो दिन बाद राणा ने देहरादून में आत्मसमर्पण कर हत्या की बात कबूल ली थी। राणा ने पुलिस को बयान दिया था कि बहमई में 22 ठाकुरों की हत्या का बदला उसने लिया था।
राणा तिहाड़ जेल में बंद था, 2004 में वह फिल्मी अंदाज में इस हाईसिक्योरिटी जेल से फरार हो गया। कई सालों तक फरारी काटा। राणा जब गिरफ्तार हुआ तो उसने जो खुलासा किया वह चैकाने वाला था।
पृथ्वी राज चौहान की अस्थियां लाने के लिए हुआ था फरार
फरारी के दौरान के दिनों के बारे में राणा ने पुलिस को बताया कि तिहाड़ से फरार होने के बाद वह रांची गया। वहां फर्जी पासपोर्ट बनवाकर नेपाल के रास्ते अफगानिस्तान गया। अफगानिस्तान से वह पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर आया। राणा ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी बनाया है ताकि अपनी बात साबित कर सके। इसके बाद उसने गाजियाबाद के पास पिलखुआ गांव में उन अस्थियों को रखवा कर एक मंदिर बनवाया। राणा का कहना था कि हिंदू हृदय सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां अफगानिस्तान में रहे यह उसे सहन नहीं हुआ। इस वजह से वह जेल से फरार होकर उन्हें लाने की योजना बनाया।
Published on:
14 May 2018 03:43 am
