
ग्रेटर नोएडा। नगरवासियों को जल्द ही नये इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात मिलने वाली है। इसके लिए सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ा लिया है। रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से फंड और नोडल एजेंसी भी तय की जा चुकी है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण का जिम्मा यमुना अथॉरिटी को सौंपा गया है। इसी साल अगस्त माह तक जेवर एयरपोर्ट के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। अगस्त 2018 में टेंडर जारी होने के बाद 2022 तक रन-वे तैयार कर उड़ान भरनी शुरू हो जाएगी।
तय समय पर होगा निर्माण कार्य
यमुना अथॉरिटी के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि तय समय में जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। 2022 तक 2 रनवे तैयार कर दिए जाएंगे। वहीं, जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की तरफ से भी हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं, सोशल इंपैक्ट असेसमेंट तैयार कर रही जीबीयू को 15 मार्च 2018 तक अपनी रिपोर्ट देनी है। उसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार उसे केंद्र सरकार को भेजेगी। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करने के लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। उसी आधार पर टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। बता दें कि सोशल इंपैक्ट असेसमेंट के लिए जीबीयू को 11 जनवरी को एजेंसी चुना लिया गया था। वहीं 3 अगस्त 2017 को साइट कलीयरेंस मिलने के बाद 8 दिसंबर को जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार की तरफ से 330 करोड़ रुपये का फंड भी जारी किया जा चुका है।
1327 हेक्टेयर जमीन की जरूरत
जेवर एयरपोर्ट के लिए किए गए सर्वे में पता चला है कि पहले चरण में जिन आठ गांवों की 1327 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है वहां आबादी को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा यह भी साफ हो गया है कि मुकीमपुर-शिवारा और साबौता गांव के पास जेवर एयरपोर्ट का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। यह स्थान ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 34 किमी दूर है। दोनों गांवों के बीच के यमुना एक्सप्रेसवे से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर यह प्रवेश द्वार बनेगा। शिवारा व पारोही के जंगल में दो रनवे बनेंगे।
किसान नहीं करेंगे विरोध
एयरपोर्ट के लिए टेक्नो इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीईएफआर) ब्रिटेन की कंपनी तैयार कर रही है। कंपनी 15 मार्च से पहले अपनी रिपोर्ट यमुना अथॉरिटी को सौंप देगी। अधिकारियों के अनुसार सर्वे में पता चला है कि इन गांवों की जमीन पूरी तरह से खाली है। इनमें कोई आबादी नहीं है। लिहाजा, आबादी को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में अथॉरिटी को किसानों के विरोध का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, बीच दो सड़कें आ रही हैं, जिनको शिफ्ट करने की जरूरत पड़ेगी।
यहां बनेंगे दो रनवे
कंपनी ने पहले चरण में मुकीमपुर और शिवारा से पारोही तक 4500 मीटर लंबा व 60 मीटर चौड़ा रनवे बनाने के लिए सर्वे किया है। 3200 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़े दूसरे रनवे के लिए पारोही गांव की जमीन पर सर्वे किया गया है। दोनों जगह उचित पाई गई हैं। दोनों रनवे के बीच में टर्मिनल की बिल्डिंग बनाई जाएगी।
लंबे समय से चली आ रही थी कवायद
जेवर में एयरपोर्ट के निर्माण की कवायद पिछले 16 साल से की जा रही थी। 2001 में यूपी के तत्कालीन सीएम राजनाथ सिंह ने जेवर में ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव पेश किया था। 2010 में मायावती ने भी फैसले का समर्थन किया, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट होने की वजह से मामला अधर में लटक गया। 2014 में सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने जेवर एयरपोर्ट बनाने का प्रयास शुरू किया था। 2015 में यूपी के तत्कालीन सीएम ने अखिलेश यादव ने इस दिशा में कदम उठाने का भरोसा दिलाया, लेकिन मामला अटक गया। यूपी में सत्ता में आई योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तय समय पर अब एयरपोर्ट का निर्माण हो जाएगा।
बेहतर होगी कनेक्टविटी
जेवर एयरपोर्ट निर्माण के बाद बेहतर कनेक्टविटी भी लोगों को मिलेगी। यमुना एक्सप्रेस-वे के अलावा जल्द ही ईस्टर्न पेरीफेरल भी तैयार हो जाएगा। साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे की रोड का चौड़ीकरण कर 100 मीटर कर दी जाएगी। अभी यह रोड 60 मीटर की है।
Published on:
27 Jan 2018 07:36 pm
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