
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बनने वाले देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का डिजाइन तैयार हो गया है। इसके लिए ज़्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने एक कंसोर्टियम का चयन किया है, जिसमें नोर्डिक, ग्रिम्सशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी आर्कीटेक्ट्स के रूप में शामिल हैं। जिन्हें जून से अगस्त 2020 के बीच तीन चरणों की डिज़ाइन प्रतियोगिता के माध्यम से जेवर में दिल्ली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल को डिज़ाइन करने के लिए चुना गया है। विजेता का चयन शॉर्टलिस्ट की गई तीन टीमों में से किया गया, जिनके पास एयरपोर्ट डिज़ाइन में व्यापक अनुभव है। इस साल डिज़ाइन प्रतियोगिता का आयोजन विशेष परिस्थितियों में किया गया और आर्कीटेक्ट्स ने रिमोट तरीकों से अपने डिज़ाइन तैयार कर प्रस्तुत किए। तीनों टीमों ने बेहतरीन तरीके से इन चुनौतियों का सामना किया।
नोर्डिक, ग्रिमशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी द्वारा पेश किया गया विजेता डिज़ाइन परियोजना के उद्देश्यों के अनुकूल है। जो स्विस दक्षता एवं भारतीय आतिथ्य का संयोजन होगा। यात्रियों को आधुनिक एवं सहज अनुभव प्रदान करेगा। भारत में एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग्स के लिए स्थायित्व के क्षेत्र में नए बेंचमार्क स्थापित करेग। इमारत के भीतर और बाहर हरित क्षेत्र को सुनिश्चित करेगा। एक भावी एयरपोर्ट सिटी की अवधारणा प्रस्तुत करेगा तथा भविष्य में इसे सालाना 30 मिलियन यात्रियों को सेवाएं प्रदान करने के लिए विस्तारित करने का विकल्प भी होगा।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के चीफ़ एक्ज़क्टिव ऑफिसर क्रिस्टोफ श्नैलमैन ने कहा कि जेवर में लम्बे समय से परिकल्पित सामरिक परियोजना के डिज़ाइन के लिए नोर्डिक, ग्रिमशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी के साथ साझेदारी करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। टीम ने प्रभावी लेआउट, अनुकूल डिज़ाइन, उच्च-गुणवत्ता के बहुल क्षेत्रों, विशाल हरित क्षेत्र तथा उर्जा की बचत करने वाली संतुलित अवधारणा एवं स्थायित्व के बीच संतुलन बनाते हुए इस विजेता डिज़ाइन को तैयार किया है। टीम ने भावी ज़रूरतों के अनुसार प्रत्यास्थता को सुनिश्तिच करते हुए उपभोक्ताओं के लिए आरामदायक, स्थायी एवं अत्याधुनिक डिज़ाइन तैयार करने में बेजोड़ दक्षता का प्रदर्शन किया है। हम टीम के साथ मिलकर काम करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि इस डिज़ाइन में वो सभी सुविधाएं मौजूद हों जो एक यात्री विश्वस्तरीय एयरपोर्ट में चाहता है।
बता दें कि पूरी तरह से तैयार होने के बाद दिल्ली नोएडा, इंटरनेशनल एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को अपनी सेवाएं प्रदान करने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, जो दिल्ली एवं आगरा के बीच तेज़ी से विकसित होते यमुना एक्सप्रेसवे ओद्यौगिक विकास क्षेत्र को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। दिल्ली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना में निवेश के साथ ज़्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने भारत एवं उत्तरप्रदेश सरकार के भरोसेमंद पार्टनर होने की पुष्टि की है, जो इस निवेश के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं नौकरियों के सृजन में राष्ट्रीय लक्ष्य को समर्थन देगा।
गौरतलब है कि अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए 40 वर्षों की अवधि के लिए ज़्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल के साथ कंसेशन एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किए थे। ज़्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशनल को इसी साल मई में जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा अनुमोदन प्राप्त हो गया था, जिससे पहले नवम्बर 2019 में इसने ग्रेटर नोएडा में दिल्ली नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अनुबंध जीता था।
Published on:
11 Dec 2020 04:04 pm
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