30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना में घोटाला, 3-3 बच्चों के मां-बाप ने पैसों के लिए फिर से रचाई शादी

10 शादीशुदा जोड़ों ने सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभ पाने के लिए फर्जी तरीके से शादी रचाई है।

2 min read
Google source verification
marriage

ग्रेटर नोएडा। देश में अक्सर घोटालों की बात सामने आती रहती हैं लेकिन शायद ही आपने कभी शादी घोटाला सुना होगा। ऐसा ही एक घोटाला प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में हुआ है। जहां यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ की सामूहिक विवाह योजना में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस घोटाले में गरीबों का लालच तो है ही, इसके अलावा ग्राम प्रधान और विभागीय कर्मचारियों की भी मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा रहा है। वहीं इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन अब इसकी जांच कर सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

यह भी पढ़ें : बड़ी खबर: यूपी बोर्ड में इंटरमीडिएट के बायलॉजी और कॉमर्स सेकंड के पेपर परीक्षा से दो दिन पहले ही आउट

दरअसल, ग्रेटर नोएडा के चीती व नंगला गांव के 10 शादी शुदा जोड़ों ने सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभ पाने के लिए फर्जी तरीके से शादी रचाई है। अब इस शादी घोटाले के खुलासा होने से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए हैं। इसके बाद अधिकारी घर-घर जाकर सरकारी शादी की जांच कर रहे हैं। हालांकि यदि ये जांच आवेदन के समय ही की गई होती तो शायद ये शादी घोटाला नहीं होता। वहीं जो खुशी इन परिवारों को फर्जी शादी के कारण मिली थी अब वो इनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

यह भी पढ़ें : पंचायत में मूत्र पिलाए जाने के मामले में तीन पर एफआईआर

बता दें कि फरवरी की 24 तारीख को हुए जिले में सामूहिक विवाह समारोह में जिन जोड़ों की शादी हुई, उनमें 10 जोड़े ऐसे शामिल थे जो पहले से ही शादीशुदा थे। ये सभी ग्रेटर नोएडा के चीती और नंगला गांव के हैं। चीती गांव की रहने वाली लक्ष्मी ने बताया कि उसकी शादी आठ माह पहले सोविन्दर के साथ हुई थी। अब फिर से उसे शादी करनी पड़ी। इसके अलावा चीती और नंगला गांव के ही नवीन-सरिता, रविन्द्र-बबीता, रंजीत-सोनी, गिरीश-सरोज, बंटी-सोनिया, हरिओम-पूनम, पवन-फूला, विनीत-नीशू और मोहित-पिंकी नामक जोड़े भी ऐसे ही हैं, जिन्होंने शादीशुदा होने के बावजूद पैसे पाने के लालच में दोबारा विवाह कर सरकार और प्रशासन को धोखा दिया है।

अब जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच करा रहा है और इसमें शादीशुदा जोड़ों के अलावा ग्राम प्रधान और विभाग के कर्मचारियों व अफसरों की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। सीडीओ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि हमें जानकारी मिली कि लोगों ने फर्जी तरह से शादी की है। इनकी जांच की जा रही है और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा क्या सच है।

यह भी पढ़ें : काम की खबर: अब 9 मार्च से नहीं इस तारीख से शुरू होंगी सीसीएस यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षाएं

गौरतलब है कि सरकारी शादी योजना इसके तहत सरकार की ओर से एक कन्या के विवाह पर कुल 35 हजार रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। इसमें 20 हजार रुपये नकद और 15 हजार रुपये का सामान देने का नियम बनाया गया है। बीती 24 फरवरी को जिलाधिकारी की देखरेख में 62 कन्याओं की सामूहिक शादी कराई गई थी। इसमें हिन्दू-मुस्लिम दोनों की धर्म के मानने वाले लोग शामिल थे।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग