
ग्रेटर नोएडा। जेवर कस्बे में रहने वाले 11वीं के छात्र ने जिस योजनाबद्ध तरीके से गुरुवार को जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाई थी, उसको लेकर लोगों के बीच में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। जामिया में फायरिंग के आरोपी नाबालिग अपनी पढ़ाई जेवर स्थित एक प्राइवेट स्कूल से कर रहा है। स्कूल के प्रबंधक बताते हैं कि इस घटना से वह खुद ही अचंभित हैं कि हमेशा शांत और शालीनता से रहने वाले इस छात्र ने इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया।
स्कूल के प्रबंधक नरेश शर्मा बताते हैं कि उनका स्कूल 2013 में खुला था और इस स्कूल में सबसे पहले दाखिला लेने वालों में वह युवक और उसके भाई था। उनके दादाजी ने आकर स्कूल में दाखिला दिलाया था, तब यह स्कूल आठवीं तक का था। 2015 में सीबीएसई ने स्कोर दसवीं तक की मान्यता दी और युवक ने 2018 में दसवीं कक्षा पास की। दसवीं के सर्टिफिकेट के अनुसार आरोपी की उम्र 18 साल अभी पूरी नहीं हुई है। उसकी उम्र अप्रैल में जाकर 18 साल पूरी होगी। इस स्कूल को 2019 में इंटर तक की मान्यता मिली और वर्तमान में वह इसी स्कूल में ही पढ़ रहा है।
नरेंद्र शर्मा कहते हैं कि उसका स्वभाव शांत और व्यवहार शालीन था। उसने कभी भी किसी विद्यार्थी या अध्यापक के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। इससे उसकी उग्रता का संकेत मिलता। वह शालीनता से पढ़ता था और अपनी बातों को किसी से शेयर भी नहीं करता था। जो घटना हुई है, उससे मैं खुद शॉकड हो गया हूं कि इसने इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया। इस घटना के बाद मैंने इसके पिता से बात की है।
उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को उनके रिश्तेदारी में एक शादी थी, इसके लिए भात लेकर जाना था। युवक की मां ने 28 तारीख को स्कूल जाने के लिए मना किया था। लेकिन, वह फिर भी स्कूल आया था। 29 तारीख को बसंत पंचमी का दिन था। स्कूल में छुट्टी थी। 30 तारीख को इसने घटना को अंजाम दिया लेकिन स्कूल में उसने भात में जाने को लेकर छुट्टी ली थी।
Updated on:
31 Jan 2020 05:07 pm
Published on:
31 Jan 2020 05:06 pm

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