
इस तरीके से झंडा फहराने का मतलब होता है कि युद्ध का ऐलान
वाशिंगटन। अमरीकी हवाई हमले में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद अब ईरान ने अघोषित रूप से अमरीका के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया है। शनिवार सुबह ईरान ने जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा लगाकर युद्ध की चेतावनी दे दी है।
गौरतलब है कि इस तरीके से झंडा फहराने का मतलब होता है कि युद्ध का ऐलान। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा पहली बार नहीं है कि ईरान ने इस तरह से मस्जिद पर लाल झंडा फहराया है। कोम स्थित जानकरन मस्जिद के गुंबद पर आमतौर पर धार्मिक झंडे लगाए जाते हैं। ऐसे में धार्मिक झंडे को हटाकर लाल झंडा फहराने का मतलब युद्ध का संदेश देना है। क्योंकि लाल झंडे का मतलब दुख जताना नहीं होता है।
झंडा फहराकर ईरान अपने नागरिकों को युद्ध की स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा है। हालांकि,यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ईरान और इराक के बीच युद्ध के दौरान भी लाल झंडा नहीं फहराया गया था।
मस्जिद पर लाल झंडा फहराने का धार्मिक महत्व
दरअसल,हुसैन साहब ने कर्बला युद्ध के दौरान मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराया था। लाल झंडे को खून और शहादत का प्रतीक माना जाता है। ईरान द्वारा लाल झंडा फहराने को मारे गए कमांडर सुलेमानी के लिए बदले के तौर पर देखा जा रहा है। जामकरन मस्जिद को ईरान का सबसे पवित्र मस्जिद माना जाता है और यहां के युवाओं पर इसका काफी प्रभाव है।
Updated on:
05 Jan 2020 11:51 am
Published on:
05 Jan 2020 11:51 am
