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गुना में 129 अवैध कॉलोनियां: कॉलोनाइजरों से चाहिए 45 करोड़, न मिलने पर एफआईआर

पूर्व में 32 से अधिक कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कोर्ट में पेश हो चुके हैं परिवाद नपा ने आठ कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कैंट पुलिस थाने को भेजा आवेदन

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गुना

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Praveen Mishra

Jan 11, 2023

गुना में 129 अवैध कॉलोनियां: कॉलोनाइजरों से चाहिए 45 करोड़, न मिलने पर एफआईआर

गुना में 129 अवैध कॉलोनियां: कॉलोनाइजरों से चाहिए 45 करोड़, न मिलने पर एफआईआर

गुना। सत्ता से जुड़े राजनेताओं और अफसरों से नजदीकियां होने का लाभ उठाकर कुछ कॉलोनाइजरों ने सरकारी, नदी-नाले, और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण कराया, मनमाने रेट में प्लॉट बेचकर मालामाल बन गए लेकिन न तो अवैध कॉलोनी बनाने वालों से शासन को डायवर्सन शुल्क मिला और न ही नियम-कायदों के अनुरूप गरीबों को प्लॉट मिले, इतना ही नहीं अवैध कॉलोनी बनाने वालों ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई। इसके साथ-साथ नगर पालिका को न तो वह कॉलोनियां हंस्तातरित की और न ही विकास शुल्क जमा किया। गुना शहर में अवैध कॉलोनियों की संख्या 102 से बढ़कर 129 पहुंच गई है। इनमें 76 से अधिक कॉलोनाइजरों पर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू हो गई है। ऐसे कॉलोनाइजरों के खिलाफ बढ़ती शिकायतों पर जिला व नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हुआ और इन कॉलोनाइजरों के खिलाफ नोटिस जारी कर अवैध कॉलोनी बनाने पर लगने वाले विकास शुल्क की डिमांड की, लेकिन वह पैसा भी बीते एक साल बाद भी नहीं मिल सका। एक बार फिर ऐसे अवैध कॉलोनाइजर नगर पालिका प्रशासन के निशाने पर आ गए हैं, ऐसे कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई करने के लिए जहां एक और नोटिस दिए, इससे पूर्व पच्चीस से अधिक कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद पेश किए गए। वहीं दूसरी और आठ कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर कराने के लिए नगर पालिका ने आवेदन संबंधित पुलिस थाने भिजवा दिए हैं। यह बात अलग है कि कॉलोनाइजर और वहां के रहवासियों के विरुद्ध मूलभूत सुविधाओं को लेकर आर-पार की लड़ाई भी तेज हो गई है। आए दिन कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कलेक्टर के पास शिकायतें पहुंच रही हैं। कॉलोनाइजरों ने कहा कि अवैध कॉलोनी बनाने के लिए जो अधिकारी और पटवारी दोषी हैं उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होना चाहिए। जिल्द बंदोवस्त की समस्या खत्म हो जाए तो अवैध कॉलोनी बनने का काम ही खत्म हो जाएगा।

संभावना ये है कि इन कॉलोनाइजरों के विरुद्ध धोखाधड़ी आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है। नगर पालिका का दर्द ये है कि विकास शुल्क के रूप में 45 करोड़ रुपए की राशि यदि कॉलोनाइजर दे दें तो शहर का विकास और तेजी से हो सकता है। इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश के खिलाफ कुछ कॉलोनाइजर हाईकोर्ट गए, जहां से ज्यादा राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर पालिका ने पुन: सुनवाई का मौका दिया, विकास शुल्क जमा करने के लिए नोटिस दिए, लेकिन राजनेताओं के पसंदीदा कॉलोनाइजरों ने विकास शुल्क जमा न कर अपनी मनमानी करते रहे। जिनके विरुद्ध अब नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई कराने की तैयारी में जुट गया है।कोर्ट ने ये दिया था आदेश

सूत्रों ने बताया कि सत्ता के नशे में चूर और राजनेताओं के नजदीकी कई कॉलोनाइजरों ने नगर पालिका में विकास शुल्क भी जमा नहीं किया। तत्कालीन कलेक्टर ने यहां की अवैध कॉलोनियों को लेकर कलेक्टर के रूप में कई कॉलोनाइजरों पर जुर्माना लगाया और कई अवैध भवनों को गिराने के आदेश दिए थे। कलेक्टर के इस आदेश के विरुद्ध तीस से अधिक कॉलोनाइजर कोर्ट चले गए, उन्होंने कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी जिसमें कहा कि कॉलोनाइजरों के विरुद्ध जुर्माना लगाने का अधिकार नगर पालिका सीएमओ को है न कि कलेक्टर को याचिका में आग्रह किया कि कलेक्टर द्वारा कॉलोनाइजरों के विरुद्ध दिए गए आदेशों को निरस्त किया जाए। कोर्ट ने पिछले दिनों इन याचिकाओं की सुनवाई कर कलेक्टर द्वारा लगाए गए जुर्माना और तोडने संबंधी दिए आदेश को समाप्त किया था और कहा कि नगर पालिका का सीएमओ कॉलोनाइजरों और प्लॉट धारकों को नोटिस देकर तलब करे और उनके द्वारा किए गए निर्माण आदि का असेसमेन्ट करे। इसके साथ ही कॉलोनाइजरों की याचिकाओं का निराकृत कर दिया था। इस आदेश के बाद नगर पालिका ने संबंधित कॉलोनाइजरों को बुलाया और असेसमेन्ट करने की कार्रवाई की। इसके बाद भी विकास शुल्क कई कॉलोनाइजर जमा करने को तैयार नहीं हैं। वर्तमान समय में अवैध कॉलोनियों की संख्या 129 हो गई है।

32 अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध परिवाद पहुंचा था कोर्ट

नगर पालिका की और से नियुक्त मनोज श्रीवास्तव के अनुसार अभी तक गुना नगर पालिका की और से 32 कॉलोनाइजरों के विरुद्ध अवैध कॉलोनियां बनाने को लेकर परिवाद कोर्ट में पेश कर दिया है। इनमें मुख्य रूप से पुरुषोत्तम अग्रवाल निवासी सदर बाजार विकास शुल्क 4 लाख 80 हजार रुपए, सूरज शर्मा पुत्र हरनारायण शर्मा विकास शुल्क 18 लाख और चंदा देवी पत्नी प्रमोद चौरसिया पर विकास शुल्क 38 लाख 20 हजार रुपए थे। इनके अलावा भानु प्रताप सिंह रघुवंशी, शिवनारायण, रामनारायण कुशवाह, प्रेमनारायण काछी, श्मशाद अहमद समेत 32 लोगों के खिलाफ परिवाद पत्र कोर्ट में पेश किया था।

इनके खिलाफ नपा ने भिजवाया थाने में आवेदन

नगर पालिका ने जगनपुर और कुसमौदा में अलग-अलग सर्वे क्रमांक पर काटी गई अवैध कॉलोनियों को लेकर बीते रोज कैंट पुलिस थाने में आठ कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है इसमें मधु पत्नी श्याम सुन्दर गुप्ता, शाइस्ता पत्नी अब्दुल गफ्फार, शैलेष पुत्र सूरजमल पाटनी और राकेश, मुकेश, शैलेष, सोनू पुत्रगण सूरजमल पाटनी और कृष्णा पत्नी मंगतराम लांबा शामिल हैं।

इन कॉलोनाइजरों से विकास शुल्क या जुर्माना वसूलने की राशिहितेन्द्र कुमार शुक्ला-24.15000, रामचरण माथुर 11.85000, शिवनारायण कुशवाह 24,65000, अतुल जग्गी- 18.55000, मुकेश राठौर- 10.95000, हरिहर प्रताप सिंह 13,95000, प्रेमनारायण कुशवाह- 108000, दौलतराम कुशवाह- 17,80000, रामबाबू -20,30000. त्रिलोक चन्द्र गाधवानी- 11,85000, अमित रघुवंशी- 13,30000. शंकरलाल कुशवाह 17.10000, मुनेश धाकड 18.35000. भगवती प्रसाद 17.55000. शुभनारायण राजपूत 16,30000, संजय कुमार चौरसिया- 42.2000, बृजेश सिंह रघुवंशी-20,90000, दातार सिंह कुशवाह 7.85000, पदम कुमार जैन- 1000000, भानू प्रताप सिंह रघुवंशी-20.90000, कुन्नूलाल 2660000, विद्यादेवी जैन-50, 15000, नरेश राठौर- 8,70000, परमहंस राजपूत 6.35,000, पुरुषोत्तम अग्रवाल 4,80000, गौरव - 2,85000, शैलेष पाटनी-295000. कृष्णा लांबा 86.80000, गोपाल कुशवाह 35,55000, रामप्रसाद कुशवाह 93 लाख, मृदुल शर्मा 91,27,500 अंकुर श्रीवास्तव हनुमान कॉलोनी- 8.35.000, अब्दुल सलीम 58.05000, चंदा देवी चौरसिया 38,20000, जरनेल सिंह 41.60.000, कुलदीप सलूजा-41.10.000, जसपाल सिंह गिल-33,60000, अमर कौर- 42,75,000 रुपए बकाया है।

इसी तरह वीरेन्द्र सिंह पर 73 लाख दस हजार, ओमप्रकाश राठौर- 1,54,25000, बृजेश राठौर 46,30000 रियाज हुसैन- 1,2100000, अभय शंकर राजपूत 52.25000, राकेश, मुकेश, शैलेश, सोनू पाटनी- 3,520000, फूलाबाई कुशवाह- 6,90000, दीवान सिंह जाटव- 7,80000, मुंशीलाल यादव-1000000 विनय सेंगर-52.20000, रवि बिरथरे- 38,60000. पवन- 60,65000, बलवीर सिंह सिख 40,60000, कल्याणी बाई यादव 96.30000 बिड्डी देवी राजपूत- 35,65000, शमशाद मोहम्मद- 10.00000, सुनील चौरसिया-21,75000 रामप्रसाद लोधा39, 15000, मीना देवी राठौर 4.95000, कमला देवी आदि 68,30000 यशवंत कुमार शर्मा 1000000 जशोदा बाई कुशवाह 6,95000, रानी जैन- 6,35,000 विनय शास्त्री 21.30000 हरिसिंह यादव 10.55000 सूरज शर्मा 18,00000 आशीष अग्रवाल 14,55000, महेन्द्र संधु- 22,75000. मनोज शर्मा- 18.80000, प्रदीप जैन- 92,45,000 हरप्रसाद-18,9000 हरिशंकर कुशवाह 19.30000, मधु गुप्ता 31 लाख 90 हजार चम्पालाल चौरसिया 46 लाख 90 हजार, शादुस्ता खान 33 लाख 40 हजार शैलेश पाटनी 58 लाख साठ हजार, संजय भार्गव 77 लाख 45 हजार नितेन्द्र कुमार शुक्ला 42 लाख 45 हजार रुपए आदि पर विकास शुल्क बकाया है। इनके अलावा पूर्व में नगर पालिका ने जिनको नोटिस भेजे थे। उनमें बृजेश मेर, रसीद खान, मुंशी, उत्तम कुमार, अमर कुमार, जतिन मेहता, वीरेन्द्र सिंह रघुवंशी, सुरेश कुशवाह, अभिषेक, ओमप्रकाश आदि के भी नाम शामिल हैं। खबर है कि कुछ कॉलोनाइजर विकास राशि देने को तैयार हो गए हैं।नोट: कॉलोनाइजरों के नाम और राशि नगर पालिका के दस्तावेजों के अनुसार है।

इनका कहना है-

अवैध कॉलोनी का निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों पर कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। आठ कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर कराने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है, जल्द ही कॉलोनाइजरों के रिकार्ड भी पुलिस थाने में जमा करा दिए जाएंगे।

विनोद कुमार शुक्ला सीएमओ नगर पालिका गुना

अभी हमारे पास नगर पालिका से ऐसा कोई आवेदन नहीं आया है, आवेदन के साथ दस्तावेज भी लेंगे, इसके बाद जांच कराकर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

विनोद कुमार छावई थाना प्रभारी कैंट