
लाभ का धंधा- पपीते से बने 2 से 6 लाख, 25 हजार के एप्पल बोर से कमाए 2 लाख
गुना. मध्यप्रदेश के एक किसान ने खेती को लाभ का धंधा बनाया है, उसने महज 2 रुपए लगाकर पपीते से 6 लाख रुपए की कमाई की है, वहीं एप्पल बोर में करीब 25 हजार रुपए लगाकर 2 लाख रुपए की कमाई की है। आप भी इस प्रकार पारंपरिक खेती के साथ अन्य फसलों से बेहतर लाभ कमा सकते हैं, आइये जानते हैं गुना जिले के किसान की कहानी।
खेती पूरी तरह से मौसम और प्रकृति के व्यवहार पर निर्भर है। इसलिए किसान को भी चाहिए कि वह समय-समय पर खेती में बदलाव करता रहे। यह परिवर्तन न सिर्फ भूमि के लिए, बल्कि किसान के लिए भी लाभदायक है।
यह कहना है अम्बाराम चक के किसान नाथूराम लोधा का, जो बमोरी विधानसभा ही नहीं पूरे गुना जिले में नवाचार के लिए चर्चित हैं। डेढ़ दशक पूर्व वीडियोग्राफी का काम छोड़ कृषि के क्षेत्र में उतरे नाथूराम ने अपनी अलग पहचान बनाई है। सबसे पहले उन्होंने गेहूं, चना, मक्का की परंपरागत खेती को छोड़ पपीते की खेती शुरू की। इसमें उन्होंने सालाना 6 लाख रुपए तक कमाए। इस बार थाइलैंड से मंगाए एप्पल किस्म के बेर लगाए हैं। एक बीघा से अधिक खेत में इसके पौधे लगाए गए हैं।
नाथूराम ने पत्रिका को बताया कि पहले गांव के अन्य किसानों की तरह गेहूं, चना, सोयाबीन, मक्का फसलें उगाते थे। परंपरागत खेती में कभी कम वर्षा तो कभी अतिवर्षा से काफी नुकसान होता था। फसलों को कीटों से बचाने के लिए भी काफी महंगी कीटनाशक का प्रयोग भी करना पड़ता था। उसे थोड़ा बहुत ही मुनाफा ही हो पाता था। कुछ समय पूर्व कृषि विभाग के आत्मा परियोजना में पदस्थ प्रमोद श्रीवास्तव से मुलाकात हुई। उन्होंने कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा बताई पपीता की ताइवान ***** किस्म एक एकड़ में लगाई। इस पर एक पौधे से 40 से 50 किलो फल प्राप्त हुए। उन्होंने एक एकड़ में 700 पौधे लगाए थे। कुल लागत 2 लाख रुपए आई, जबकि खेती से एक साल में 6 लाख की आय प्राप्त हुई। जो परंपरागत फसलों से बहुत अधिक है। इसके लिए उन्हें विकासखंड स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार मिला।
लोधा बताते हैं कि इसके बाद मैंने एक बीघा खेत में एप्पल बेर की खेती शुरू की, जिसमें 50 हजार रुपए की लागत आई और दो लाख रुपए की फसल प्राप्त हुई। ऐपल बेर एक बार लगाने पर तीन साल तक फल देता है। इस साल लागत 25 हजार रुपए आई, जबकि दो लाख रुपए की फसल बेच चुके हैं। 25 से 30 हजार रुपए की फसल ओर रखी है। उनका कहना है कि खेती में नवाचार देखने कृषि विभाग के उप संचालक एके उपाध्याय और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक समय-समय पर आते हैं। आत्मा योजना के कारण मेरी आर्थिक स्थिति भी सुधरी है। मैं किसानों को एप्पल बेर, पपीता जैसे फलों की खेती का सुझाव देना चाहूंगा।
Published on:
05 Feb 2022 11:37 am
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