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आंगनबाड़ी , कृषि मंडी व डाकघर बंद

सीटू जिला समिति गुना के सचिव महेश सैनी ने बताया कि यह हड़ताल इसलिए की जा रही है क्योंकि बीते चार वर्षों में केंद्र में सत्तासीन भाजपा एनडीए सरकार ने मजदूरों और ट्रेड यूनियनों को अनेक अधिकार और लाभों से वंचित कर नियोजकों के अधिकार दे दिए हैं। इतना ही नहीं सरकार मनरेगा, महिला बाल विकास सहित सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट आवंटन में भी ज्यादा कटौती कर रही है।

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सीटू जिला समिति गुना के सचिव महेश सैनी ने बताया कि यह हड़ताल इसलिए की जा रही है क्योंकि बीते चार वर्षों में केंद्र में सत्तासीन भाजपा एनडीए सरकार ने मजदूरों और ट्रेड यूनियनों को अनेक अधिकार और लाभों से वंचित कर नियोजकों के अधिकार दे दिए हैं।

गुना. सीटू सहित देश के अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 8 व 9 जनवरी को जिले की सभी कृषि उपज मंडी व आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिससे एक ओर जहां किसान अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे तो वहीं बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पाएगा। सीटू जिला समिति गुना के सचिव महेश सैनी ने बताया कि यह हड़ताल इसलिए की जा रही है क्योंकि बीते चार वर्षों में केंद्र में सत्तासीन भाजपा एनडीए सरकार ने मजदूरों और ट्रेड यूनियनों को अनेक अधिकार और लाभों से वंचित कर नियोजकों के अधिकार दे दिए हैं। इतना ही नहीं सरकार मनरेगा, महिला बाल विकास सहित सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट आवंटन में भी ज्यादा कटौती कर रही है। हम्माल, तुलावटी, आंगनबाड़ी कर्मी, आशा कार्यकर्ता व सहयोगिनी, ठेका श्रमिकों, घरेलू कामकाजी महिलाओं, बीड़ी श्रमिकों, निर्माण मजदूरों, दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मचारियों सहित अन्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं व अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित किया जा रहा है। सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे श्रम अधिकारों पर ही हमलावर है। ट्रेड यूनियन एक्ट, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) कानून, औद्योगिक विवाद अधिनियम, न्यूनतम वेतन अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम और अन्य कानूनों को खत्म करके पांच श्रम संहिताओं को तैयार किया जा रहा है। इससे देश के 70 प्रतिशत से ज्यादा औद्योगिक प्रतिष्ठानों और उनके मजदूर सभी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। त्रिपक्षीय बोर्ड समितियों को भंग कर निष्प्रभावी बना दिया गया है। सैनी के मुताबिक हड़ताल के पहले दिन 8 जनवरी को राघौगढ़ में यूनियनों की संयुक्त रैली होगी।


रैली निकालकर कलेक्टर को सौंपा जाएगा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन की जिलाध्यक्ष किरण तिवारी एवं महासचिव कृष्णा सिंह ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन 8 जनवरी को दोपहर 12 बजे आंगनबाड़ी परियोजना कार्यालय राघौगढ़ में रैली व प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा। 9 जनवरी को जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं दोपहर 12 बजे तक गुना में हनुमान चौराहा नपा के समक्ष एकत्रित होकर दोपहर 1 बजे रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को दिया जाएगा।


यह हैं यूनियनों मांगें
न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए, सुप्रीम कोर्ट के अनुसार समान काम के लिए समान वेतन देने, महंगाई रोकने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सार्वभौमिकीकरण कर सभी का एक जैसा राशन कार्ड बनाकर एक रुपए किलो की दर से 35 किलो अनाज व सभी जरूरी चीजें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने, सभी बुनियादी श्रम कानूनों को बगैर किसी अपवाद या छूट के सख्ती से लागू करने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित पूरी कामकाजी आबादी के लिए प्रतिमाह कम से कम 3 हजार रुपए की पेंशन सुनिश्चित करने, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को तबाह करने वाले रोड सेफ्टी बिल मोटर वाहन अधिनियम 1989 में किए गए परिवर्तन रद्द करने, मनरेगा में कम से कम 200 दिन का काम व 300 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी देने तथा दलित आदिवासी महिलाओं व अल्पसंख्यकों पर दमन बंद करने सहित कई प्रमुख मांगें शामिल हैं।

हम हड़ताल पर रहेंगे
सीटू के आह्वान पर दो दिन 8 व 9 जनवरी को जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेेंगे। इस हड़ताल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं भी शामिल हैं। दो दिन हम हड़ताल पर रहेंगे।
किरण तिवारी, अध्यक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन