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गुना. सोसायटी से मिलने वाला यूरिया लेने में किसानों को पसीने छूट रहे हैं, एक से दो दिन तक कतार में खड़े होने के बाद भी यूरिया नहीं मिल रहा है। वहीं प्रायवेट में यूरिया तो मिल रहा है। लेकिन उसके दाम डेढ़ गुना से अधिक वसूल रहे हैं, आश्चर्य की बात तो यह है कि इस खुली लूट की घोषणा भी मोटी कमाई करने के चक्कर में खुलेआम हो रही है।
जहां एक ओर खाद किसानों के लिए संकट बना। वहीं दूसरी ओर अब यूरिया किसानों की परेशानी बन गया है। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। यूरिया को लेकर जिले भर में किसान बेहद परेशान है। आरोन में यूरिया को लेकर जमकर हंगामा हुआ, टोकन के बाद भी यूरिया न मिलने पर लोग एकत्रित हुए और यूरिया को लेकर जमकर बवाल मचा। खाद नहीं मिलता देख गुस्साएं किसानों ने तहसील गेट को बंद कर चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान नाराज किसानों ने तहसीलदार की गाड़ी भी नहीं निकलने दी। जिसके बाद तहसीलदार पैदल ही चलते बने। इधर आक्रोशित किसानों द्वारा चक्काजाम लगाने की सूचना पर मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, टीआई पहुंचे। यहां उन्होंने घंटों की समझाईश के बाद मुश्किल से जाम खुलवाया। उनका कहना था कि यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। वहीं दूसरी और यूरिया ब्लैक में बिकने का मामला सामने आया है। जहां यूरिया का ट्रक पहुंचा, कुछ ही देर में वह माल समिति के पास न पहुंचकर ट्रेक्टरों के जरिए अन्यत्र जगह चला गया। मावन आई यूरिया का एक कट्टा ३60 रुपए में ब्लैक में बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि इस वीडियो की पत्रिका पुष्टि नहीं करता है। किसानों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से वह खाद के लिए आधी-आधी रात से गांव से आकर लाईनों में लग रहे हैं। लेकिन हर दिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। मंगलवार को भी जब उन्हें खाद नहीं मिला तो वह एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। यहां उनके नाम लिखकर पर्ची दे दी गई। लेकिन बुधवार को जब खाद के लिए सुबह 4 बजे से लाईन में लगे हैं तो आज भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक ट्रकों में खाद आई थी, जो अधिकतर ब्लैक में बिक गई। मंगलवार को दिन 60 किसानों को पर्चियां बनाकर दी गई थी उनमें से बुधवार को सिर्फ 12 को खाद मिली। ऐसी ही स्थिति रही तो जब समय निकल जाएगा तो फिर खेती में खाद किसी काम की नहीं रहेगी।
इधर आक्रोशित किसानों द्वारा चक्काजाम लगाने की सूचना पर मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, टीआई पहुंचे। यहां उन्होंने घंटों की समझाईश के बाद मुश्किल से जाम खुलवाया। उल्लेखनीय है कि गत दिवस तहसील के एक कर्मचारी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह अपने परिचितों के लिए एक खास लाल कलर की सील लगाकर खाद का वितरण करा रहा था। इस तरह क्षेत्र में जमकर खाद की कालाबाजारी जारी है। इस बारे में शहरोक के दीपक कुशवाह ने बताया कि हम मंगलवार सुबह चार बजे से खाद के लिए लाईन में लगे थे। कल दोपहर 1-2 बजे से खाद का वितरण बंद कर दिया। जिसके बाद हम एसडीएम के पास गए। वहां हमारे नाम लिख लिए गए। आज जब हम लाइन में लगे तो पुलिस ने हमें खदेड़ दिया। दीपक के अनुसार किसानों के आधार कार्ड लिंक करवाकर अंगूठा लगवा लिए जाते हैं और खाद नहीं दी जाती है। जिसके बाद में ब्लैक कर बेच दिया जाता है। पिछले आठ दिनों से हमें सिर्फ टोकन दिए जा रहे हैं। यहां दिनभर लाईन में लगने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ता है। यूरिया के एक कट्टे की कीमत 275 रुपए है लेकिन इस कट्टे को आरोन में ३00 से लेकर पांच सौ रुपए में ब्लैक में बेचा जा रहा है।
मावन में आया ट्रक लग गया ठिकाने
मावन के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बीते रोज एक ट्रक यूरिया को कृषि विभाग ने मावन की सोसायटी के पास भेजा था, यह ट्रक सोसायटी पर न उतरकर दूसरी जगह उतरा, वहां से ट्रेक्टरों के जरिए यह यूरिया दूसरी जगह भेजी जाती रही। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें एक मोटर साइकिल सवार खुले आम कह रहा है कि ३60 रुपए में यूरिया का कट्टा मिल जाएगा। मावन के लोगों ने बताया कि इस संबंध में जब कृषि विभाग के उप संचालक एके उपाध्याय से पूछा गया तो उन्होंने पहले तो समिति पर सरकारी यूरिया भेजना बताया। बाद में उसे प्राइवेट बताने लगे। मावन के लोगों के अनुसार यूरिया से भरा ट्रक का गोलमाल हो गया।
Published on:
09 Dec 2021 04:11 pm

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