
गुना। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पिपरिया के कुशवाह मोहल्ला के रहवासियों को बदहाल रास्ता होने के कारण बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। इन्हें सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में 10-12 किमी का चक्कर काटकर स्कूल जाना पड़ता है।
कलेक्टोरेट पहुंचे बच्चों ने मंगलवार को कुशवाह मोहल्ला से ग्राम पिपरिया स्कूल तक सड़क बनवाने की मांग की। मोहल्लेवासियों के अनुसार कुशवाह मोहल्ला से ग्राम पिपरिया स्कूल तक कच्चा रास्ता है। जिसमें पानी भरा रहता है, जिस कारण से स्कूल जाने के लिए बच्चों को परेशानी आती है। वहीं 10 कक्षा के बच्चों के लिए भी ग्राम मावन में पढ़ाई करने के लिए परेशानी हो रही है।
जिस कारण से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। यह बच्चे 10-12 किमी ग्राम सिंगवासा से घूमकर जाना पड़ रहा है। मोहल्लेवासियों ने कुशवाह मोहल्ला से ग्राम पिपरिया स्कूल तक पक्का रास्ता बनवाने की मांग की। ज्ञापन में बिजली समस्या से भी अवगत कराया गया। रहवासियों के अनुसार मोहल्ले में एक माह से बीपीएल ट्रांसफार्मर पर लाइट नहीं है।
इधर, विवाह रुकवाने माता पूजन के दिन ही शिकायत लेकर पहुंची बालिका:
वहीं गुना में ही एक अन्य मामले में जिले के ग्राम बिसोनिया में एक 13 वर्षीय बालिका ने बाल विवाह रोकने एक अलग ही उदाहरण पेश किया है। स्वयं बालिका ने माता पूजन के दिन बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होकर खुद का बाल विवाह रुकवाया।
समिति अध्यक्ष अनुसूइया रघुवंशी ने बताया कि मंगलवार को यह बालिका स्वयं अपने चचेरे भैया, भाभी के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित हुई और अपनी व्यथा सुनाई।
बालिका ने कहा कि माता कांता बाई और पिता बाबूलाल ने माझी सम्मेलन में सोनू अहिरवार निवासी दबाद थाना राघौगढ़ से जबरदस्ती शादी कराना चाहते हैं, जबकि वह आगे पढऩा चाहती है। समिति अध्यक्षा अनुसूइया रघुवंशी, सदस्य सतीश अरोरा, मधु शर्मा और संगीता सिंह ने उसकी काउंसलिंग की। पता चला कि बच्ची के दादा रामचरण अहिरवार एवं उनकी बेटी कृष्णा अहिरवार ने शादी के बदले लड़के वालों से 100000 ले लिए हैं।
अब माता-पिता पर दबाव बना रहे हैं कि बच्ची की शादी करो। बाद में बच्ची का मामा भी उपस्थित हुआ। समिति के समक्ष मामा ने बताया इससे पूर्व भी मेरी बड़ी भांजी यानी कि इस बालिका की बड़ी बहन की शादी भी 16 वर्ष की उम्र में ही कर दी थी तथा उसके बदले भी पैसे लिए थे और मेरी बड़ी भांजी बहुत परेशानी थी। यहां तक कि वह खाने तक के लिए मोहताज है। समिति सदस्याें ने कहा कि यह अपराध है और यह प्रकरण बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की श्रेणी में आता है।
समिति ने माता पिता तथा उसको बेचने वाले दादा राम चरण अहिरवार, बुआ कृष्णा अहिरवार एवं सोनू तथा उसके माता-पिता गोकुल अहिरवार पुत्र नाथू लाल अहिरवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दंडात्मक कार्यवाही का बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनुसुइया रघुवंशी, सदस्य सतीश अरोरा, मधु शर्मा, संगीता सिंह उपस्थित रहे।
Updated on:
26 May 2022 06:03 pm
Published on:
26 May 2022 05:47 pm
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