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अशोकनगर की महिला गुना के निजी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव, हरकत में आया प्रशासन

रेंडम सैंपलिंग के दौरान लिया गया था महिला का सैंपलकोरोना से बचाव के इंतजामों पर सवालजहां सबसे ज्यादा जरुरत वहां न तो सैंपलिंग हो रही और नही निगरानी

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अशोकनगर की महिला गुना के निजी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव, हरकत में आया प्रशासन

अशोकनगर की महिला गुना के निजी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव, हरकत में आया प्रशासन

गुना. जिसका डर था वही बात आाखिरकार हो ही गई। कोरोना ने सीधे गुना जिला मुख्यालय पर ही दस्तक दी है। चिंता की बात यह है कि संक्रमण की शुरूआत निजी अस्पताल से हुई है। यही नहीं संक्रमित मरीज का नाता पड़ौसी जिले अशोकनगर से है लेकिन उसका सैंपल गुना में ही लिया गया था। संक्रमण का दायरा यहीं तक सीमित नहीं है, क्योंकि संक्रमित पाई गई महिला अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा थाना अंतर्गत ग्राम देपराई की रहने वाली है। इस तरह संक्रमण का दायरा एक जिले से लेकर दूसरे जिले के ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच चुका है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि वे शासन के निर्देशों के तहत सैंपल लेने की औपचारिकता तो निभा रहे हैं लेकिन इसके बाद जो जरूरी प्रोटोकॉल फॉलो करना है, उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यानि कि जिस व्यक्ति का सैंपल लिया जा रहा है उसे आगामी कितने दिनों तक सतर्कता बरतनी है, यह उसे नहीं बताया जा रहा है।
यही कारण है कि जब गुना स्वास्थ्य विभाग की कोरोना सैंपल कलेक्शन टीम ने अपनी नियमित ड्यूटी के तहत रविवार को रेंडमली जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज और उनके अटैंडरों का सैंपल लिया तो इनमें से एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। बताया जाता है कि उक्त महिला अपनी सास को देखने गुना आई थी। इसी दौरान उसका सैंपल लिया गया था और उसी दिन वह महिला वापस अपने घर अशोकनगर चली गई। जबकि कोरोना रिपोर्ट सोमवार रात आई। जैसे ही यह मामला सामने आया तो गुना सीएमएचओ ने तत्काल अशोकनगर स्वास्थ्य महकमे को मामले से अवगत कराया। यह जानकारी लगते ही आनन फानन में रात को ही अशोकनगर स्वास्थ्य महकमे की टीम देपराई गांव पहुंची। संक्रमित महिला को अशोकनगर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं एहतियात के तौर पर परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल भी लिए गए हैं। रिपोर्ट आने तक उन्हें घर पर ही आइसोलेट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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सबसे बड़ी चिंता, कोरोना के कोई लक्षण नहीं फिर भी रिपोर्ट पॉजिटिव
अशोकनगर की जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उसने आमजन से लेकर स्वास्थ्य महकमे और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। क्योंकि उक्त महिला में कोरोना के कोई भी लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि जनता को कैसे पता चलेगा कि वह कोरोना संक्रमित हुआ है या नहीं। उक्त महिला का सैंपल तो रेंडमली सैंपलिंग के दौरान लिया गया था। इस तरह अन्य बीमारी के मरीजों के बीच कोरोना संदिग्ध मरीज को पहचानना मुश्किल होगा।
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गुना में कोरोना का सबसे पहला मरीज इंदौर से आया था
कोरोना से सुरक्षित रहना है तो आमजन से लेकर पूरे प्रशासन को पिछले कोरोना काल से सबक लेना होगा। क्योंकि गुना में कोरोना की एंट्री इंदौर से हुई थी। जिसमें प्रशासन के साथ-साथ उस व्यक्ति की बड़ी गलती सामने आई थी। क्योंकि तत्समय शासन की गाइड लाइन थी कि दूसरे शहर खासकर हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों से आने वाले व्यक्ति अपनी जानकारी स्वास्थ्य महकमे को दें, साथ ही अपनी जांच जरूर कराएं तथा आगामी 7 दिन तक अपने घर पर ही आइसोलेट रहें। लेकिन इस मामले में संक्रमित व्यक्ति द्वारा न तो अपनी टे्रवलिंग हिस्ट्री की जानकारी प्रशासन को दी और न ही सैंपलिंग करवाई और न ही घर पर आइसोलेट रहे। इसके उलट संक्रमित व्यक्ति अपने गांव में हुए आयोजन में शामिल हुआ। जिसमें परिवार ही नहीं गांव के सैकड़ों लोगों को बुलाया गया था।
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जो महिला कोरोना संक्रमित निकली उसे दोनो डोज लग चुके
अशोकनगर की जो महिला गुना में कोरोना पॉजिटिव निकली है, उसे कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। बताया जाता है कि दूसरा डोज लगे तीन दिन ही हुए हैं। इस तरह कोरोना के एक केस ने दोनों जिलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अशोकनगर में जहां साढ़े चार माह बाद कोरोना की जिले में फिर से दस्तक हुई है वहीं गुना में 5 बाद पहला केस रिपोर्ट हुआ है।
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सैंपलिंग बढ़ाने से लेकर गाइड लाइन पालन कराने पर जोर
कोरोना का पहले केस सामने आते ही एक बार फिर सैंपलिंग की संख्या बढ़ाने प्रति दिन 1 हजार करने तथा कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने की बातें कहीं जा रही हैं। लेकिन निर्देशों का पालन धरातल पर अब तक नजर नहीं आया है। सबसे पहले तो बाहर से आने वाले लोगों की न तो स्क्रीनिंग की जा रही है और न ही उनकी ट्रेवलिंग हिस्ट्री रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। यही नहीं रेंडमली सैंपलिंग भ इन स्थानों पर नहीं की जा रही। वहीं संक्रमण फैलने की सबसे ज्यादा आशंका अस्पतालों में रहती है लेकिन यहां स्टाफ से लेेकर मरीज व अटैंडर बिना मास्क के ही घूमते नजर आ रहे हैं। इसी तरह के हालात शहर के प्रमुख बाजार से लेकर शासकीय व निजी संस्थाओं के कार्यालय में नजर आ रहे हैं।
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जल्द शुरू होगी मास्क न लगाने वालों पर सख्ती
कोरोना से बचाव को लेकर शासन-प्रशासन काफी गंभीर है। नगर पालिका जल्द ही टीम बनाकर शहर के अलग-अलग जगहों पर मास्क न लगाने वालों पर सख्ती करेगी। जुर्माना भी किया जाएगा। हर हाल में कोविड गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा।
तेज सिंह यादव, सीएमओ