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MP में बारिश का कहर: जीकेएस डेम का गेट आधा मीटर खोला

- रात दो बजे से भारी बारिश के चलते निचली बस्तियों में भरा पानी - कई रास्ते हुए बंद, जान जोखिम में डालकर सफर - डेम का पानी छोडऩे से रुठियाई में भरा पानी - राघौगढ़ में गिरा 12 सेंटी मीटर पानी

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गुना

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Deepesh Tiwari

Sep 10, 2019

MP में बारिश का कहर: जीकेएस डेम का गेट आधा मीटर खोला

MP में बारिश का कहर: जीकेएस डेम का गेट आधा मीटर खोला

गुना। मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। ऐसे में जहां सोमवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दिन भर बारिश का दोर जारी रहा। वहीं गुना जिले में भी बीते 24 घंटे से हो रही प्रलयकारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। वहीं मध्यप्रदेश में कई जगहों पर हालात इन दिनो बाढ़ के जैसे दिखाई दे रहे हैं।

रात दो बजे से भारी बारिश शुरू हुई, इससे गुना की निचली बस्तियों में पानी भर गया। जीकेएस डेम का आधा मीटर गेट खोल दिया है, इससे रुठियाई के कई मकानों में पानी घुस आया।

सुबह 8 बजे तक गुना में 38.2, राघौगढ़ में 120, कुंभराज में 112 और बमोरी में 80 मिलीमीटर पानी गिरने से काफी हिस्सा प्रभावित हुआ और कई गांवों का सड़क मार्ग बंद हो गया।

राघौगढ़ क्षेत्र में संजय सागर फुल होने से उसकी वेस्ट वीयर में से एक फीट पानी निकल रहा है। राजीव सागर डेम भी फुल है और उसके सभी 23 गेट खुले हुए हैं। इससे चंदेरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है और रपटा पर पानी आने से भोपाल का मार्ग बंद हो गया। सुबह से दोपहर तक पानी बंद रहा और 4 बजे के बाद फिर से झमाझम बारिश हुई।

राघौगढ़ में गिरा सबसे ज्यादा 12 सेमी पानी: बीते 24 घंटे से जारी बारिश से सबसे ज्यादा पानी राघौगढ़ में 120 मिलीमीटर गिरा है। इसके बाद कुंभराज में 112 मिमी बरसात हुई। इसी तरह सोमवार को सुबह 8 बजे तक बमोरी में 80, गुना में 38.2, आरोन में 25 और चांचौड़ा में 39 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।

अतिवृष्टि से राघौगढ़ में एक दिन पहले नाले में बालक बह गया था। एक हादसा बाघ बागेश्वर मंदिर पर भी सामने आया था। उधर, लगातार बारिश से सोयाबीन की फसलों पर खतरा बढ़ गया है। कई खेतों में पानी भर गया है। फसल खराब हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, गुना में अभी और बारिश हो सकती है।

इधर, नाले और नदी उफान पर, राजस्थान का रास्ता बंद
वहीं धरनावदा के रुठियाई क्षेत्र से जुड़े कई मार्ग बीते 24 घंटे से प्रभावित हैं। रटपों के ऊपर काफी ज्यादा पानी रहा। धरनावदा में गांव से रेलवे स्टेशन के बीच का रपटा 8 दिन से पानी में डूबा है।

लोगों को 7 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। साडा कालोनी से छबड़ा राजस्थान को जोडऩे वाले मार्ग की तीन पुल-पुलियाएं लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। चौपेट नदी पर बनने पुल बालाभेंट, रुठियाई-एनएफएल के बीच और रुठियाई के पास वाला रपटा पर से पानी निकल रहा है।

धरनावदा-रुठियाई के बीच गोलाखेड़ी, पटना और मुरादपुर गांव को जोडऩे वाले मार्ग कच्चे होने से बंद पड़े हैं। लोगों को 10 से 15 किमी का चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है। इससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं।

इस साल कहां और कितना पानी गिरा
तहसील : बरसात ( मिमी में )
गुना : 1302.7
बमोरी : 1249
आरोन : 1158
राघौगढ़ : 1320
चांचौड़ा : 1081
कुंभराज : 1342.5
कुल वर्षा : 1242.2
नोट: भू अभिलेख के अनुसार।

नदी-नालों में आया उफान
फतेहगढ़. उधर, नदी-नाली उफान पर आने से गुना में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बाद भी लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। इस तरह के नजारे फतेहगढ़ नदी पर देखने को मिले। जहां बाइक, बस और दूसरे वाहनों को पानी में से निकाला गया।

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