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गुना/ मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आईएएस अधिकारी एकजुट हो गए हैं। राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता पर की गई शर्मनाक टिप्पणी को लेकर आईएएस अधिकारियों ने हल्ला-बोल दिया है। गुना के कलेक्टर ने भास्कर लक्षकार ने तो इस मुद्दे पर मारक टिप्पणी की है। अपनी टिप्पणी से उन्होंने नेताओं की बखिया उधेड़ दी है।
भास्कर लक्षकार 2010 बैच के आईएएस अधिकारी है। अभी गुना में बतौर कलेक्टर तैनात हैं। वह सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय सोशल मीडिया पर रखते हैं। एक समय में भास्कर लक्षकार सिंगर सोनू निगम के अजान से होने वाली दिक्कत वाले बयान का भी समर्थन कर चुके हैं। साथ ही तीन तलाक को लेकर भी उन्होंने फेसबुक पर अपनी बेबाक टिप्पणी की थी। अब राजगढ़ कलेक्टर के समर्थन में उन्होंने गुरुवार को हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम किया है। साथ ही नेताओं को आईना दिखाने का काम किया है।
नेताओं को डकैत और घपलेबाज कहा
गुना कलेक्टर भास्कर लक्षकार ने फेसबुक पर लिखा कि वीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजगढ़ कलेक्टर और अन्य महिला अफसरों के विरूद्ध दिग्गज वक्ताओं द्वारा बड़ी शानदार टिप्पणियां की गईं। निश्चित रूप से उनमें कोई राष्ट्रप्रेम वाली बात छिपी होगी।
हो यह गया है कि जिसको जो मन में आता है, आप पर आरोप लगा के हें हें ठें ठें करता निकल जाता है। आप कुढ़ते, उबलते रह जाते हैं, वे सार्वजनिक रूप से झूठ बोलकर अपमानित करके निकल जाता है। वे उनलोगों के पक्ष में सीना ठोक के झूठ बोलते हैं और आपको कोसते हैं, जिनकी दिनदहाड़े की डकैती और घपलेबाजियां सारा शहर जानता है। आप अधिकारी हैं इसके विशेष अधिकार तो जो मिलते होंगे सो मिलते होंगे, लेकिन इस ठप्पे के कारण आप तमाम लोगों के निशाने पर बने ही रहते हैं। मजेदार यह है कि डकैत आपके बारे में न्यायधीश बने रहते हैं।
उन्होंने दूसरे पोस्ट में लिखा कि राजगढ़ में आज के भाषणों की घटना के संबंध में मैं बार-बार कह रहा हूं कि इसे सिर्फ कलेक्टर या अफसर के सम्मान से जोड़कर देखना सरलीकरण है। छोटे से छोटे कर्मचारी भी सम्मान का भागी है, क्योंकि वह कर्मचारी होने के पहले इस देश का नागरिक है। मैं उस टेंडेंसी की बात कर रहा हूं जो बहुत तेजी से किसी भी व्यक्ति के सार्वजनिक अपमानों को सामान्य मानते हुए पीड़ित से इसे नेगलेक्ट कर देने की अपेक्षा रखती है।
सोनू निगम का भी किया था समर्थन
दरअसल, अप्रैल 2017 में जब सोनू निगम ने अजान को लेकर टिप्पणी की थी, तब आईएएस लक्षकार ने लिखा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सारे धर्मों के सभी भगवानों को दिन-रात और सुबह की कर्कश और निरीह बेसुरी आवाज बेहद पसंद है...बच्चों की परीक्षा के दिनों में उन्हें यह विशेष अच्छा लगता है।
इससे से पूर्व उन्होंने तीन तलाक को लेकर लिखा था कि मेरा पूर्व विश्वास है कि सामाजि बहिष्कार के आइडिया से तीन तलाक से उपजी समस्याएं छू-मंतर हो जाएंगी। वैसे ही जैसे थानेदार के साथ सेल्फी खींचवाने से लॉ एंड ऑर्डर और सुरक्षा की समस्याएं निपट जाती हैं।
IAS एसोसिएशन ने की निंदा
वहीं, पूर्व मंत्री के बयान की निंदा आईएएस एसोसिएशन ने भी की है। दरअसल, मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन ने कहा था कि कलेक्टर के ऊपर दिए बयान की निंदा करता हूं। ऐसे बयान अधिकारियों को मनोबल को डाउन करता है। उसके बाद आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर लिखा कि हम एमपी में अपने सहयोगियों के साथ खड़े हैं और राजगढ़ कलेक्टर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं।
Published on:
24 Jan 2020 01:30 pm
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