
खेल सुविधाओं के मामले में गुना जिला शिवपुरी और अशोकनगर से भी पीछे,खेल सुविधाओं के मामले में गुना जिला शिवपुरी और अशोकनगर से भी पीछे,खेल सुविधाओं के मामले में गुना जिला शिवपुरी और अशोकनगर से भी पीछे
गुना. खेल सुविधाओं के मामले में गुना जिला पड़ोसी शिवपुरी और अशोकनगर जिले से भी पीछे है। जहां शिवपुरी में ऐसा स्टेडियम मौजूद हैं जहां राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच ही नहीं अन्य खेलों की प्रतियोगिताएं भी होती हैं। वहीं अशोकनगर में खेल विभाग के पास इंडोर स्टेडियम मौजूद हैं। जबकि इन दोनों जिलों की तुलना में गुना में एक भी ऐसा स्टेडियम नहीं है जहां किसी भी खेल के खिलाड़ी सुविधाजनक रूप से अभ्यास तक कर सकें।
जिन जनप्रतिनिधियों पर जिले में खेल सुविधाएं बढ़ाने की जिम्मेदारी है उन्होंने खेल मैदान से लेकर खेल संस्थाओं को राजनीति का अखाड़ा बना लिया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण संजय स्टेडियम है। जो सिर्फ राष्ट्रीय खेल हॉकी के लिए ही बना था। लेकिन वर्तमान में इसकी हालत यह है कि यहां एक भी खेल को सही ढंग से नहीं खेला जा सकता है। क्योंकि मैदान के बीच वाले बड़े हिस्से में हॉकी के लिए टर्फ बिछाकर हॉकी का स्टेडियम बना दिया गया है। जबकि मैदान चारों कोनों पर अलग-अलग खेल की एकेडमी संचालित हो रही हैं। चिंता की बात यह है कि करोड़ों की लागत से बिछाई गई टर्फ आसपास से उड़ रही धूल से खराब हो रही है।
वर्तमान में हॉकी स्टेडियम नगर पालिका की देखरेख में है। जिनके पास ऐसा कोई स्थायी कर्मचारी नहीं है जो समय पर इस स्टेडियम का ताला खोलकर उसकी उचित देखरेख कर सके। जानकारी मुताबिक खेल प्रशिक्षक स्कूली स्तर से खेल प्रतिभाओं को तो खोज रहे हैं लेकिन वह प्रतिभा उस हिसाब से निखर नहीं पा रही है जो उसे राज्य से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सके। खेल विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पड़ोसी जिला शिवपुरी की अपेक्षा गुना में खिलाड़ी कम संख्या में आगे जा पा रहे हैं।
इस खेल के लिए वर्तमान में अलग से स्टेडियम नहीं है। लेकिन पीजी कॉलेज के पास वाले मैदान को फुटबॉल स्टेडियम बनाया जा रहा है। जिसकी लागत करीब साढ़े 4 करोड़ है। इसके चारों ओर रनिंग ट्रेक बनाया जा रहा है। इस निर्माण को पूरा होने में अभी दो माह से भी अधिक समय लगेगा।
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इनका कहना है
हां यह बात सही है कि गुना में शुरू से ही खेल मैदान की कमी है। एक जो संजय स्टेडियम था उसमें हॉकी टर्फ बिछने से कुछ परेशानी अन्य खेलों को आ रही है। हालांकि जल्द ही कॉलेज के पास फुटबॉल मैदान बन जाएगा। क्रिकेट के लिए बीज निगम की जमीन पर मंजूरी मिली है। लेकिन यह मामला शासन और प्रशासनिक स्तर पर अटका हुआ है। खेलों के विकास और खिलाड़ियों की उन्नति के लिए सभी को आगे आना होगा।
शेखर वशिष्ठ, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी
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हॉकी का एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड इस समय नपा के हैंडओवर में है। जिसे जिम्मेदारी दी गई है स्टेडियम का ताला कभी खोलते हैं तो कभी नहीं इसलिए खिलाड़ियों को बाहर ही अभ्यास करना पड़ता है। जहां तक टर्फ की देखभाल का सवाल है तो उचित देख-रेख के अभाव में यह खराब हो जाएगी।
सुनीता कंवर, हॉकी प्रशिक्षक
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हॉकी - संजय स्टेडियम में करोड़ों की लागत से एस्ट्रोटर्फ बिछाई गई। वहीं इस समय हॉकी टर्फ नपा के जिम्मे है, इसलिए उसकी उचित देख-रेख नहीं हो पा रही है। पानी के अभाव में करोड़ों की यह टर्फ आगामी समय में जल्द खराब हो जाएगी। बता दें कि यह प्रेक्टिस टर्फ है। इस पर प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो सकता।
क्रिकेट के लिए मैदान की जरूरत होती है, लेकिन गुना जिला मुख्यालय पर इस समय एक भी मैदान ऐसा नहीं है जहां क्रिकेट प्रतियोगिता कराई जा सके। यहां तक कि संजय स्टेडियम में संचालित क्रिकेट एकेडमी के खिलाड़ियों को अभ्यास करने भी पर्याप्त जगह नहीं बची है। आसपास खुदाई व अन्य मटेरियल पड़ा होने से परेशानी आ रही है।
Published on:
13 May 2023 10:21 pm

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