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रात 12 बजे से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात

तोडफ़ोड़ और तनाव की स्थिति निर्मित, रात 12 बजे तक गुलाबगंज में पुलिस फोर्स तैना

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रात 12 बजे से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात

रात 12 बजे से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात

गुना. कैंट थाना क्षेत्र के तहत गुलाबगंज में शनिवार रात दो पक्षों में विवाद हो गया। इसके बाद दुकान में तोडफ़ोड़ और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया, लेकिन रात 12 बजे तक गुलाबगंज में पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा। दरअसल, यहां पर रात के समय एक व्यक्ति शराब पीकर हंगामा करने लगा तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसको धुन दिया। इसके बाद से विवाद इतना बढ़ गया कि दो पक्ष आमने सामने आ गए।

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देखते ही देखते लोगों को हुजूम लग गया और तनात की स्थिति निर्मित हो गई। उधर, कोतवाली क्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे दीपक चंदेल निवासी महावीरपुरा के साथ मारपीट की घटना हुई और आरोपियों ने उसकी साइकिल में तोडफ़ोड़ कर दी। पुलिस ने आरोपी राजू पारदी और दिनेश छारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

राघौगढ़ के इकोदिया गांव में शिब्बू केवट के साथ रोश बाई केवट ने पत्थर से मारपीट और जान से मारने की मारपीट की। पुलिस ने किया इन पर मामला दर्ज कैंट पुलिस ने तोफिक खान की शिकायत पर मंजीत रघुवंशी पर मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया।

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अहजाज खान की शिकायत पर मंजीत रघुवंशी, सोनू कुशवाह, मनीष और सोनू के भाई पर दुकान में तोडफ़ोड़ और मारपीट का मामला दर्ज किया। शुखी रघुवंशी की शिकायत पर अहजाज खान और उसमान खान पर मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब नजर बनाए हुए है।

वन रक्षक की फर्जी मार्कशीट का गूंजा मामला, जांच शुरू

इधर, गुना वन मंडल कार्यालय गुना में पदस्थ एक महिला वन रक्षक कृष्णा सहरिया की फर्जी मार्कशीट का मामला एक बार फिर गरमाया गया है। इस संबंध में हुई शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है, इसमें शिकायत करने वाले दो लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए उप वनमंडलाधिकारी ने पत्र के जरिए बुलाया था, जिन्होंने जांच के दौरान साक्ष्य पेश किए हैं।

मुख्यमंत्री, वन मंत्री एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूर्य प्रकाश सिंह यादव आदि ने एक शिकायत भेजी जिसमें आरोप लगाते हुए कहा कि कृष्णा सहरिया को वन विभाग में भृत्य के पद पर कार्यरत अपने पति आनंद सहरिया भृत्य की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।


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वह सिर्फ पांचवी तक पढ़ी लिखी थी, लेकिन उसको दसवीं क्लास की फर्जी मार्कशीट के आधार पर वन रक्षक की उसे नियुक्ति मिल गई। इसके अलावा कृष्णा सहरिया पर इस शिकायती पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जब कृष्णा सहरिया को मोबाइल लगाकर संपर्क साधने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल दूसरे ने रिसीव तो किया, बात नहीं कराई।

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