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मिनी स्मार्ट सिटी का ख्वाब संजोए शहर के बदहाल बस स्टेंड!

शहर के बदहाल बस स्टेंड...

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मिनी स्मार्ट सिटी का ख्वाब संजोए शहर के बदहाल बस स्टेंड!

गुना। शहर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा और राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द द्वारा इसका शुभारंभ किए जाने से गुनावासी खुश हैं। इसके लिए डीपीआर भी बन चुकी है, जिसके हिसाब से अलग-अलग मद में 282 करोड़ रुपए खर्च होना है।

सिटी बस सेवा के शुभारंभ के साथ ही जज्जी बस स्टेंड पर यात्रियों के नया शेड बनवा दिया गया है, जिसमें वाटर कूलर, लाइट, पंखे आदि लगवाए गए हैं।

इसके बावजूद जिम्मेदारों का शिवपुरी बस स्टेंड, ऊमरी बस स्टेंड और आरोन बस स्टेंड पर किसी का ध्यान नहीं है, जबकि यहां से प्रतिदिन सैंकड़ों यात्री बसों में चढ़ते और उतरते हैं। बसें भी व्यवस्थित तरीके से स्टेंड पर खड़ी नहीं हो रही हैं। इसके चलते बस ऑपरेटरों में झगड़े होते रहते हैं।

अतिक्रमण में छुपा शिवपुरी बस स्टेंड...
शिवपुरी बस स्टेंड तो नजर नजर आना ही बंद हो गया है। अतिक्रमण के पीछे शेड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां बसें सड़क पर ही रुकती हैं और सड़क पर ही यात्री बसों का इंतजार करते हैं।

यात्रियों के अनदेखी के कारण शेड जर्जर हालत में पहुंच चुका है। इसके पास ही लायंस क्लब द्वारा बनवाया गया प्रतीक्षालय भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। शेड के अंदर मवेशी घुस जाते हैं और गंदगी पड़ी रहती है, जिसके कारण यात्रियों को खड़े रहकर ही बसों का इंतजार करना पड़ता है।

सुविधाओं का टोटा, यात्री हो रहे परेशान...
पत्रिका ने जब इन तीनों बस स्टेंडों का जायजा लिया तो हालात बदतर नजर आए। कीचड़, गंदगी व अतिक्रमण के साथ ही यहां यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।

जिसके कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तीनों जगह पीने के पानी व प्रसाधन की सुविधा नहीं है। आरोन बस स्टेंड पर तो यात्रियों के लिए खड़े होने का भी स्थान नहीं है। यात्री यहां-वहां खड़े रहते हैं और बस आते ही दौड़ पड़ते हैं।

ऊमरी बस स्टेंड: मैदान में मचा कीचड़...
ऊमरी बस स्टेंड के भी यहीं हाल हैं। मैदान में कीचड़ मचा होने के कारण बसें अंदर नहीं जातीं। सड़क से ही यात्रियों को बैठाया जा रहा है। शेड में एक पानी की टंकी तो रखी है, लेकिन इसमें पानी नहीं भरा जाता। रास्ता ऊबड़ खाबड़ है और शेड के सामने ही कचरा पड़ा रहता है। हालांकि यहां से बसों का संचालन कम होता है, लेकिन मैजिक, जीप आदि छोटे वाहन बहुतायत में यात्रियों को ढोते हैं।

आरोन बस स्टेंड: सिर्फ नाम का स्टेंड...
आरोन के लिए जाने वाली बसों को ओवर ब्रिज के नीचे स्टेंड की जगह दी गई है। लेकिन यह केवल नाम का ही बस स्टेंड है, यहां न तो कोई शेड है और न ही यात्रियों के बैठने के लिए व्यवस्था। बारिश होने पर यात्रियों को पुल का सहारा है। यहां भी बसें अव्यवस्थित तरीके से खड़ी हो जाती हैं। नीचे फर्श भी कच्चा और ऊबड़-खाबड़ है, जिसके कारण यात्री परेशान होते हैं और बारिश में जगह-जगह पानी भर जाता है।