
अधिकांश खदानों पर सरपंचों का कब्जा है और उनके द्वारा 90 प्रतिशत वाहनों की रायल्टी नहीं काटी जाती है।
गुना. सिंध और पार्वती नदी में पानी कम होते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। नदी में पनडुब्बी लगाकर खोखला किया जा रहा है। सिंध नदी पर आरोन से लेकर कोठिया, बेहटाघाट और म्याना के बीच कई जगह अवैध उत्खनन हो रहा है। उधर, पार्वती नदी को मधुसूदनगढ़ और कुंभराज क्षेत्र में खोखला कर दिया गया। खनिज विभाग ने गुना की इन दोनों प्रमुख नदी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उधर, प्रशासन भी कोई सख्ती नहीं दिखा रहा। शासन ने रेत की खदानों को पंचायतों के हवाले कर दिया था, लेकिन नदी के किनारे 60 से ज्यादा पंचायतें जुड़ी है, मगर पांच पंचायतों ने ही लीज ली है। अधिकांश खदानों पर सरपंचों का कब्जा है और उनके द्वारा 90 प्रतिशत वाहनों की रायल्टी नहीं काटी जाती है।
ट्रालियों की नहीं कटती रायल्टी
सिंध नदी में भी कोठिया पर पनडुब्बी लगाकर रेत निकाली जा रही है। यहां हर दिन 40 से 50 ट्राली रेत निकाली जा रही है। इस खदान को बेहटाघाट पंचायत को दिया है, लेकिन यहां पर इक्का-दुक्का ट्राली की रायल्टी काटी जाती है। पत्रिका ने इस उत्खनन को अपने कैमरे में कैद किया। यह खदान 4 महीने से पंचायत के पास है। यहां चंद्रशेखर शर्मा नाम का शख्स जेसीबी, पनडुब्बी से उत्खनन करा रहा है। बिना रायल्टी एक ट्राली रेत 1300 रुपए में नदी से दी जाती है, जिसे 2500 रुपए में बेचा जा रहा है। ये काम करने में विभाग, माफियाओं में भी गठजोड़ चल रहा है।
म्याना में पकड़े गए दो टैक्टर और डंपर
गुना. खनिज अधिकारी ने सोमवार को म्याना क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते दो ट्रैक्टर पकड़े है। यहां गिट्टी भरा डंपर भी पकड़ा है। चुनावी आचार संहिता के बाद यह पहली कार्रवाई है। चुनाव के दौरान रेत का परिवहन करते 61 वाहनों के केस बनाए गए थे। यह कार्रवाई दो महीने के भीतर की गई। पर माफियाओं पर अंकुश नहीं है।
एक नजर में नदी और लीज की स्थिति
-सिंध नदी की लंबाई 470 किमी है। गुना जिले की सीमा के पास करीब 60 किमी होकर गुजरती है। आरोन, गुना तहसीलों की सीमा को छूती है।
-गुना के एनीकट से 800 मीटर दूरी पर हो रहा है पनडुब्बी लगाकर अवैध उत्खनन।
पार्वती नदी 70 किमी बहकर काली सिंध में मिल जाती है। गुना में मधुसूदनगढ़, राघौगढ़ और चांचौड़ा तहसील को छूती है।
-खनिज विभाग के पास कोठिया, देवमणी, इकोदिया, बेलका, इमलिया पंचायतों में नदी पर रेत खदान लीज देने की जानकारी है। तीन घन मीटर रेत की 375 के साथ 500 रायल्टी काटी जाती है।
-रेत की खदान पंचायतों को दी गई हैं, लेकिन पांच पंचायतों में रायल्टी काजी जा रही है। हमारे अमले का अभाव है। कलेक्टर से बात कर जिन स्थानों से शिकायतें आ रही हैं, वहां कार्रवाई की जाएगी।
-आकांक्षा पटेल, जिला खनिज अधिकारी गुना
Published on:
17 Dec 2018 08:48 pm
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