
गुना शहर की जनता बोली : प्लान बनाकर करें विकास तो बन सकता है गुना विकसित और सुन्दर शहर
गुना। गुना के जनप्रतिनिधि और नगर पालिका के प्रशासक व कलेक्टर चाहें तो गुना नगरीय क्षेत्र का इंदौर की तर्ज पर प्लान बनाकर विकास हो सकता है, स्वच्छता सर्वेक्षण की टॉप टेन की सूची में शामिल हो सकता और गुना शहर साफ-सफाई के मामले में स्वच्छ और सुन्दर बन सकता है। यह कहना है शहर की जनता का। अधिकतर लोगों का कहना था कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, सांसद डा. केपी यादव और प्रदेश के पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर यदि जनता के हित में प्रयास करें तो गुना नगर पालिका जो सभी अर्हताएं रखती हैं,म्याना को नगर पंचायत बनाने की पूर्व में सीएम शिवराज सिंह चौहान घोषणा भी कर चुके हैं, गुना नगर पालिका को नगर निगम बनाया जा सकता है, जिससे यहां का विकास काफी तेजी से हो सकता है।
पत्रिका ने शहर के पचास से अधिक जानकार, बुद्धिजीवी, निर्वतमान पार्षदों से गुना शहर के विकास के लिए सुझाव आदि पर चर्चा की तो अलग-अलग समस्याएं और सुझाव निकलकर आए, उन्होंने कहा कि शहर का विकास तभी संभव है जब यहां के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अफसरों की इच्छा शक्ति हो और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गुना शहर को तरजीह दें। उनका कहना था कि ढाई साल पूर्व शहर के जानकार, पूर्व पार्षदों आदि की एक बैठक बुलाई थी, उसमें सुझाव आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर व गुना नगर पालिका के प्रशासक भास्कर लाक्षाकार ने कई घोषणाएं की थीं, उन पर अमल करके शहर को सुन्दर और सुव्यवस्थित बनाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन उनके जाने के बाद वे सरकारी कागजों में ही दबकर रह गए। उन घोषणाओं पर ही अमल हो जाए तो हर वार्ड का प्लान बनाकर विकास कराया जाए तो गुना शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं मिल सकती हैं और शहर सुन्दर हो सकता है।
शहर के लोगों की और से ये आए सुझाव
-बस स्टेण्ड शहर में है, ऑटो वाले परेशान करते हैं, इससे दुर्घटनाओं का भय बना रहता है, बस स्टेण्ड शहर से बाहर बनने का जो प्रस्ताव है, उस पर काम कराया जाए। टाउन हॉल भी बनवाया जाए।
-सफाई व्यवस्था अच्छी हो और बगैर भेदभाव के अतिक्रमण हटाया जाए। विद्युत खम्बे व्यवस्थित कराए जाएं
-खाली प्लॉट जो हैं, जिन पर कचरा डल रहा है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रांसपोर्ट नगर जल्द बनाया जाए।
-नालियां नहीं बन पाई हैं, अधूरी सड़कें पडी हैं, ऐसी समस्याओं से वार्डों की दुर्दशा हो रही है, उनकी हालत सुधरवाई जाए। ये काम कराए जाना चाहिए।
-पार्किंग यहां की बड़ी समस्या है, तलघरों में पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
-नाले खुले पड़े हैं, ट्रांसपोर्ट नगर मैकेनिक जाने को तैयार हैं, लेकिन वहां प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं कराए। मैकेनिक वहां चले जाएंगे तो गंदगी भी कम हो जाएगी।
- शहर बढ़ गया, आबादी बढ़ गई, इसके हिसाब से नगर पालिका को आवासीय प्लान बनाना चाहिए।
-खाली प्लॉटों में पौधारोपण कराया जाना चाहिए, जिससे वहां कचरा जो एकत्रित हो रहा है, वह बंद हो जाए
- बाहर से आने वाले लोग गलियों के भ्रम में भटक जाते हैं, इसके लिए गलियों में नम्बरीकरण कराया जाए।
- निचला बाजार से सदर बाजार तक के दुकानदारों को एक बार समझा दिया जाए जिससे वे दुकानदार निर्धारित जगह में ही अपना सामान रखें, दुकान के बाहर कचरा मिलने पर अर्थदंड समान लगे।
- हनुमान चौराहे के पास महिला जन सुविधा केन्द्र बनवाया जाए।
-बाजार की गलियों में फायर बिग्रेड पहुंच सके, इसके लिए एक बार सभी गलियों तक फायर बिग्रेड पहुंचाई जाए, यदि कहीं रास्ता बाधक होता है वहां से अतिक्रमण हटवाया जाए।
-एनीकट का जो मामला है, उसका जल्द निदान कराया जाए।
-सीवर और गैस के लिए डाली जा रही लाइनों का काम जल्द कराया जाए, जहां सड़कें खुदी हैं उनकी मरम्मत कराई जाए।
शहर के जानकार और निवर्तमान पार्षदों ने दिए ये सुझाव
-लिंक रोड का प्रस्ताव बन जाए तो इससे पचास प्रतिशत यातायात की समस्या दूर हो सकती है।
-उमरी का बस स्टेण्ड बायपास पर, आरोन का हड्डी मिल पर बस स्टेण्ड बनवाया जाए।
-खेजरा रोड पर जाने वाले मार्ग पर एक पुल जर्जर हो गया है, जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के बीच विवाद रहता है। इसके साथ ही यहां के स्वास्थ्य केन्द्र को सौ बिस्तर का अस्पताल बनवाया जाए।
-तेलघानी चौराहे पर बारिश का पानी गलियों में भर जाता है, इसके लिए एक वहां नाला बनवाया जाए। इसके साथ ही यहां छोटी-छोटी गलियां हैं वहां से ट्रेफिक को डायवर्ट कराया जा सकता है।
-शहर में ऑडिटोरियम की जो कमी है, उसके लिए नगर भवन को ऑडिटोरियम के रूप में बनवाया जाए।
-संजय स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ जल्द डलवाई जाए। इसके साथ ही स्पोर्टस कॉम्पलेक्स बनवाया जाए।
- लिंक रोड भी बनवाई जाए।
-नेताजी की गुमटियां और अवैध अतिक्रमण बगैर भेदभाव के हटवाए जाना चाहिए।
-ऑटो स्टेण्ड शहर में विकसित कराए जाएं। कोचिंग सेन्टरों पर आने वाले बच्चों के वाहन जो सड़क पर खड़े होते हैं, वहां बने तलघरों में पार्किंग की व्यवस्था कराई जाए।
-हाईमास्ट सुबह के समय जलती रहती हैं, इससे विद्युत का खर्चा होता है, इनको समय पर बंद कराई जाना चाहिए।
-मोहल्ला समितियों के जरिए हर वार्ड का विकास प्लान बनवाया जाए।
-नगर पालिका की दुकानों का किराया जो सौ रुपए है, उसको बढ़ाया जाना चाहिए। जिससे विकास के लिए नगर पालिका के पास पैसा आ सके।
- हनुमान कॉलोनी, राधा कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी के लोगों को विवाह समारोह करने के लिए कोई अच्छी जगह नहीं है, वहां नगर भवन जल्द बनवाए जाए जिससे यहां के लोगों को वह शादी-समारोह के लिए आसानी से और सस्ता मिल सके।
-नेताओं के परिजन या नजदीकी सफाई कर्मी जो घर बैठे पगार ले रहे हैं, उनसे या तो काम लिया जाए या उनको हटाकर दूसरों को मौका दिया जाए।
-अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगवाई जाए। कॉलोनाइजरों से संबंधित कॉलोनी में विकास कार्य कराए जाएं।
ये बोले प्रशासक फ्रेंक नोबल ए
-गुना शहर आपका और हमारा है, इसे साफ-स्वच्छ बनाने में सभी सामाजिक, व्यापारिक, धार्मिक संस्थाओं को सहयोग करना चाहिए, जिससे गुना नगर पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण की टॉप टेन की सूची में आए।
-स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहर के विकास आदि को लेकर हम लगातार बैठकें कर सुझाव ले रहे हैं उन बैठकों में आए सुझावों पर अमल भी कर रहे हैं। दूसरे विभागों के अफसरों से मॉनीटरिंग भी कराई जा रही है। जिससे साफ-सफाई व्यवस्था सुधरी भी है। हमारा प्रयास है कि गुना शहर के साथ-साथ जिला विकसित और सुन्दर शहर बने, इसके लिए हम प्लान के अनुसार काम करवा रहे हैं। नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत हैं।
Published on:
20 Feb 2022 01:38 am
बड़ी खबरें
View Allगुना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
