
एक माह पहले बनाई थी योजना, 3 जिले के 30 से अधिक व्यापारियों से पौने चार करोड़ का गेहूं, चना, मक्का और वारदाना बेचकर गायब
गुना. कुंभराज के दो गल्ला व्यापारी लोकेंद्र गुप्ता और उसके भाई सचिन गुप्ता के चंपत होने जाने के मामले में 3 थानों में मामला दर्ज होने के बाद चौथे थाने में भी व्यापारी शिकायत करने पहुंच गए हैं। आरोपियों की करतूत एक के बाद एक खुलती जा रही है। दोनों भाईयों ने गुना, कुंभराज, बीनागंज, अशोकनगर, राघौगढ़ सहित राजगढ़ जिले के ब्यावरा में भी एक व्यापारियों को लाखों रुपए का चूना लगाया है। 3 जिले के 30 से अधिक व्यापारी इनकी बातों में आकर 4 करोड़ रुपए से अधिक की राशि गंवा बैठे। आरोपी इतने शातिर थे कि भागने से एक माह पहले पूरी तैयारी कर ली थी। इसलिए ज्यादा से ज्यादा माल की खरीदी की और सभी को 15 से 20 दिन का समय भुगतान के लिए दिया था। जैसे ही अपने माल के भुगतान को लेकर व्यापारियों का दबाव बना तो दोलनों भाई कुंभराज छोड़कर रातों-रात गायब हो गए। हालांकि यह भागने से 4 घंटे पहले कुंभराज मंडी में भी व्यापारियों से मिलने पहुंचे और उनके साथ खूब हंसी-मजाक भी किया था। लेकिन कोई इनके इस अंदाज से यह समझ नहीं पाया कि रात में यह रफूचक्कर हो जाएंगे। हालांकि 3 थानों में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इनके मोबाइल खंगाले जा रहे हैं, पुलिस को शक है कि यह किसी ने किसी के संपर्क में रहे होंगे और इनकी मदद किसने की है? यह सारे तथ्य सायबर सेल की मदद से जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना को लेकर गल्ला व्यापारी नाराज हैं। उनका कहना है कि ईमानदारी के इस धंधे में अगर इस तरह बेईमानी होने लगी तो काम नहीं कर पाएंगे। इसलिए सभी कारोबारी शनिवार को गुना में एकत्रित होंगे और पुलिस प्रशासन पर इस मामले में जल्द एक्शन लेने को लेकर दबाव बनाएंगे।
गुना के कारोबारी गौरव खंडेलवाल का कहना है कि लोकेंद्र और उसके भाई ने व्यापारियों के माल को राजस्थान के कोटा, बारां, रामगंज मंडी में माल को बेचा है। माल का भुगतान भी प्राप्त किया है। हालांकि पुलिस इसी तथ्य के आधार पर मंडी में जाकर जांच करेगी, ताकि कोई सुराग मिल सके। आरोपी भाई कुंभराज में अपनी पूरी संपत्ति बेच चुके हैं। वहीं गोदाम और फर्म के आधार पर लिमिट निकाल चुके हैं।
मददगारों की तलाश में जुटी पुलिस
इधर गुना, कुंभराज, बीनागंज और ब्यावरा थाने में आरोपियों पर मामला दर्ज हुआ है। कैंट पुलिस का कहना है कि आरोपी भागने से पहले किसी न किसी से मिले जरुर हैं, इसलिए इसका पता लगाया जा रहा है। इन्होंने गाड़ी भी बदली है। वहीं ड्राइवर कौन था और नाकों पर लगे टोल पर्ची से खोजबीन की जाएगी। इधर सायबर सेल भी सक्रिय हो गई है। आरोपियों और परिजनों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं तो नीलामी भी नहीं
मंडी के व्यापारी इस घटना को लेकर नाराज हो गए हैं। उन्होंने शनिवार से मंडी में नीलामी न करने की चेतावनी दे डाली है। व्यापारियों की इस चेतावनी के बाद कुंभराज के मंडी सचिव मनोज शर्मा ने किसानों से आग्रह किया है कि वह अपनी उपज बेचने के लिए न लाएं। व्यापारी कह रहे हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो, इसके बाद नीलामी शुरु करेंगे।
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कुंभराज के गल्ला कारोबारी अनिल राठी ने बताया कि लोकेंद्र और उसका भाई सचिन का लेनदेन साफ-सुधरा था। इसलिए कोई ऐसा शक नहीं हुआ।
20 से 25 दिन की अवधि में ही ज्यादातर व्यापारियों से गल्ला खरीदा और भुगतान का समय 15 से 20 दिन का दिया था। अक्सर इतना समय लेनदेन के लिए दिया जाता है। मैंने उसे 14 लाख 95 हजार रुपए कीमत का धनिया बेचा था, लेकिन भुगतान से पहले आरोपी लोकेंद्र भाग गया। इसी तरह आनंद कुमार जैन, संदीप माहेश्वरी, नरेन्द्र कुमार शर्मा से 10-10 लाख का धनिया खरीदा गया। इस तरह कुंभराज के कुल 19 व्यापारियों से सोयाबीन, धनिया की खरीदी की। वहीं कुछ लोगों का वारदाना तक खरीद कर ठिकाने लगा दिया। वहीं गुना, अशोकनगर, ब्यावरा, राघौगढ़ के कारोबारियों से भी माल खरीदकर भुगतान नहीं किया। आरोपी भाई इन सभी जगह से करीब पौने चार करोड़ रुपए से अधिक की राशि का चूना लगाकर चले गए ।
Published on:
22 Jul 2023 01:15 pm
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