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पत्रिका लाइव रिपोर्ट :  नगर पालिका कार्यालय से जिम्मेदार आला अधिकारियों के साथ अधीनस्थ अमला भी गायब

- ऑफिस टाइम में लग रही थी झाडू, नागरिक बाहर खड़े कर रहे थे इंतजार- राजस्व, पीएम आवास, समग्र आईडी, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों से गायब मिला स्टाफप्रशासनिक स्तर पर नियमित मॉनीटरिंग न होने से नपा कार्यालय के बिगड़े हालातआए दिन जनता हो रही परेशान, कलेक्ट्रेट से लेकर नपा के चक्कर लगाने को विवश नागरिक

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पत्रिका लाइव रिपोर्ट :  नगर पालिका कार्यालय से जिम्मेदार आला अधिकारियों के साथ अधीनस्थ अमला भी गायब

पत्रिका लाइव रिपोर्ट :  नगर पालिका कार्यालय से जिम्मेदार आला अधिकारियों के साथ अधीनस्थ अमला भी गायब

गुना. जनता से जुड़े सबसे अहम विभाग नगर पालिका के हालात इस समय सबसे बुरे हैं। यहां न तो जिम्मेदार आला अधिकारी समय पर ऑफिस पहुंचते हैं और न ही अधीनस्थ अमला। ऐसे में अपने सभी जरूरी काम छोड़कर आए लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है। चिंता की बात तो यह है कि नगर पालिका के यह हालात पिछले दो सालों से बने हुए हैं। क्योंकि प्रशासनिक आला अधिकारियों ने अभी तक इस कार्यालय का एक बार भी निरीक्षण नहीं किया है। जिसके कारण यहां पदस्थ स्टाफ में कार्रवाई को लेकर किसी तरह का कोई भय नहीं है। प्रथम श्रेणी अधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने मनमाने अंदाज में ही कार्यालय आता है और अपने हिसाब से ही जाता है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी नागरिकों का काम समय पर न हो, इससे यहां के अधिकारियों को कोई मतलब नहीं है। क्योंकि वे स्वयं ही कार्यालय में बहुत कम बैठते हैं। नपा कार्यालय के यह हाल पत्रिका पड़ताल में सामने आए हैं। गुरुवार को कार्यालय जाकर जब एक-एक विभाग की पड़ताल की गई तो हालत बहुत गंभीर नजर आए।
यहां बता दें कि सरकार ने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह और जिम्मेदार बनाने के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया है। साथ ही हर कार्य की मॉनटरिंग करने के लिए उसे ऑनलाइन किया गया है ताकि समय-समय पर भोपाल में बैठे अधिकारी भी नगरीय निकाय के कार्यों की मॉनीटरिंग कर सकें। लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ औपचारिक बनकर रह गई है। इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि जो काम एक दिन में होना चाहिए वह सात दिन में भी नहीं हो रहा है। यही नहीं नागरिकिों को उनके काम के संबंध में सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है। जिससे उनके मन में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
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यह कैसा कार्यालय, न अधिकारी का नाम लिखा है और न बैठने का पता
नपा कार्यालय में जनता से जुड़े विभिन्न विभाग हैं, जिन्हें अलग-अलग अधिकारी व कर्मचारी देखते हंैं। इन्हें बैठने के लिए अलग-अलग कक्ष व केबिन भी मौजूद हैं। लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जहां न तो अधिकारियों के नाम की पट्टिका लगी है और न ही उनके बैठने का स्थान निश्चित है। ऐसे में लोग उन्हें ढूंढने के लिए काफी परेशान होते हैंं। यहीं नहीं कार्यालय में काम करने वाले स्टाफ की न तो ड्रेस निर्धारित है और न ही वह आईडेंडी कार्ड का उपयोग करता है। जिसके कारण उनकी पहचान नहीं हो पाती।
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कहां क्या मिले हालात
समय : 10.47
स्थिति : जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा की खिड़कियां बंद थी। उसके बाहर खड़े नागरिक खुलने का इंतजार कर रहे थे। थोड़े ही देर बाद कर्मचारी आया और कक्ष के अंदर झाडू लगाने लगा। जब उससे पूछा गया तो उसका कहना था कि यहां तो उन्हें ही झाडू लगानी पड़ती है, क्योंकि सफाईकर्मी तो 12 बजे तक आताा है। यदि उसके भरोसे रहा जाए तो काम ही शुरू नहीं हो पाएगा।
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समय : 10.50
स्थिति : कार्यालय अधीक्षक एके पटेल के कक्ष के बाहर ताला लगा हुआ था। वहां मौजूद नागरिकों ने बताया कि वे आधा घंटे से स्टाफ का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सही जानकारी देने वाला नहीं दिख रहा।
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समय : 10.55
स्थिति : नपा कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित हॉल में सिर्फ दो ही कर्मचारी मौजूद थे। जबकि शेष सभी कुर्सियां खाली पड़ी थी। यहां भी नागरिक स्टाफ के आने का इंतजार कर रहे थे।
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समय : 10.58
स्थिति : कार्यालय के फस्र्ट फ्लोर पर स्थित समग्र आईडी शाखा का ताला लगा हुआ था। यहां चार में से एक भी ऑपरेटर मौजूद नहीं था। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष वहां खड़े कर्मचारियों के आने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वे यहां सुबह 10 बजे नपा कार्यालय आ गए थे, तब से इंतजार करते हुए एक घंटे से भी ज्यादा समय हो गया लेकिन कोई भी यह नहीं बता रहा कि आखिर कितने बजे तक आएंगे।
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समय : 11.10
स्थिति : एक्ज्यूकेटिव इंजीनियर आरबी गुप्ता के कक्ष के बाहर ताला लगा हुआ था। कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों ने बताया कि वे जब भी यहां आए तब उन्हें या तो ताला लगा हुआ मिला या फिर खाली कुर्सी।
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नागरिकों की जुबानी नगर पालिका की कहानी
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दूसरी किश्त के लिए 2 माह से भटक रहा हूं
मेरा कच्चा घर तेज बारिश में गिर गया था। जिसके बाद पास ही खाली जमीन पर झोंपड़ी बनाकर परिवार रह रहा है। उसकी कुटीर मंजूर होने के बाद अधूरी पड़ी है। क्योंकि उसे दो माह से दूसरी किश्त की राशि अभी तक नहीं मिली है। वह कई बार नपा कार्यालय के चक्कर लगा चुका है। यदि वह अन्य स्टाफ से जानकारी लेता है तो वे कुछ भी बताने की वजाए अभद्रता करते हैं।
सुंदरलाल, वार्ड 23
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राशन कार्ड में 4 साल पहले नाम जुड़ा लेकिन राशन आज तक नहीं मिला
मेरी पुत्रवधु का नाम राशन कार्ड में चार साल पहले ही जुड़ गया है। लेकिन राशन आज तक नहीं मिल पा रहा है। नाम जुड़वाने के लिए में आधार कार्ड सहित सभी कागज नपा में दे चुकी हूं लेकिन अब तक उसका नाम समग्र आईडी में नहीं जोड़ा गया है। कार्यालय और अधिकारियों के चक्कर लगा लगाकर थक चुकी हूं।
अंजुम बेगम, नागरिक