
कच्चे घर की दीवार दरकी और गिर पड़ी, दो लोगों को आईं चोटें
गुना। आपको प्रधानमंत्री आवास के तहत कुटीर तभी मिल पाएगी जब आप कुटीर की सूची बनाने और स्वीकृत बनाने वालों को सेवा शुल्क दे देंगे। यदि ऐसा नहीं किया तो आपको कुटीर नहीं मिल पाएगी। ऐसा ही कुछ हुआ बड़े जैन मंदिर के पास रहने वाले एक मुस्लिम परिवार के साथ। जिसने जरूरत होने पर कुटीर के लिए आवेदन लगाया, लेकिन नगर पालिका के कर्मचारी और संबंधित क्षेत्र के पटवारी ने सरकारी दस्तावेजों में आवेदक का पक्का मकान होना बताया, जबकि वह कच्चे मकान में रह रहा था, जिसकी दीवार शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को अचानक भरभराकर गिर गई, डर के कारण परिवार के अधिकतर सदस्य घर के बाहर आ गए। मौके पर पहुंची नगरपालिका की टीम ने परिवार को रैन बसेरा में शिफ्ट कर दिया।जिसमें उस मुस्लिम परिवार के दो लोगों को चोटें आई हैं। मौके पर पहुंची नगरपालिका की टीम ने पन्द्रह से अधिक संख्या वाले व्यक्तियों के परिवार को रेन बसेरा में कलेक्टर के आदेश पर सीएमओ ने ठहराया है।
जैन मंदिर गली में रहने वाले जलील खान,सलीम खान और शौकत खान के अनुसार वह अपने परिवार के साथ कच्चे घर में रहते हैं। उनके साथ मां और उनका परिवार, एक भाई और उनका परिवार, भाभी और उनके बच्चे उसी दो मंजिला घर में रहते हैं। यह घर उनके दादा के समय का है। घर को बने हुए लगभग 100 वर्ष से ऊपर हो चुके हैं। वह घर में ही सिलाई का काम करते हैं। उनका एक भाई है जो कुंभराज में अपने परिवार के साथ रहते हैं। पहले जब घर जर्जर हुआ तो वह घर से चले गए और कुंभराज में रहने लगे।
पीडि़तों मेें शामिल जमील बताते हैं कि शनिवार रात लगभग 8 बजे के आसपास वह नीचे सिलाई का काम कर रहे थे। ऊपर परिवार के सदस्य खाना खा रहे थे और बच्चे सो गए थे। इसी दौरान घर की दीवार से मिट्टी गिरने लगी। अलमारियों में रखे बर्तन और बाकी सामान भी गिरने लगा। उनके भाई ने नीचे आकर उन्हें बताया कि दीवार गिर रही है। आनन-फानन में बच्चों को गोदी में उठाकर बाहर लाया गया। अन्य परिवार के सदस्यों को भी घर से बाहर निकाला गया।
सूचना मिलते ही नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और परिवार को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया। जलील खान ने बताया कि उन्होंने पक्के आवास के लिए कई बार आवेदन किया। नगरपालिका के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें आवास स्वीकृत नहीं हुआ। इसकी वजह है कि नगरपालिका के कर्मचारियों ने उनके दस्तावेजों में पक्का मकान दर्शा दिया है। इस वजह से हर बार उनका आवेदन निरस्त हो जाता है।
रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया परिवार।
नगरपालिका के सीएमओ तेजसिंह यादव के अनुसार मकान काफी जर्जर और पुराना है। कुछ दीवारें दरक रहीं थी। एहतियातन परिवार को रैन बसेरा में ठहरा दिया है। उनको आवास क्यों नहीं मिला, इसके क्या कारण रहे, सभी जांच कराकर उन्हें आवास स्वीकृत करने का प्रयत्न किया जाएगा।
Published on:
27 Dec 2021 12:12 am

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