
गुना हुआ पानी-पानी, जनता बोली भगवान बस बन्द करो
गुना। लगातार नौ दिन से चल रही बारिश के चलते शुक्रवार को तीन घंटे मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से गुना पानी-पानी हो गया। काफी देर तक शहर में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रही। बारिश से नदी-नाले ओवर फ्लो होकर चले। गोपीकृष्ण सागर डेम के ओवर फ्लो हो जाने से उसके चार गेट खुले। गुना शहर की शिव कॉलोनी, लूसन का बगीचा, पटेल नगर, गुलाबगंज, कालापाटा, कर्नेलगंज, समेत कई कॉलोनियां व मोहल्ले पानी से लबालब हो गए। इससे काफी घरों में पानी भरा ही नहीं बल्कि गृहस्थी का सामान उस पानी में बहता हुआ दिखाई दिया। गुना में बारिश के मामले में पिछले २८ साल पुराना रिकार्ड तोड़ा है।ऐसी बारिश सन् १९९३ में गुना में आई थी लेकिन शुक्रवार को आई बारिश को उस समय की बारिश से अधिक होना बताया। इस बारिश से दो दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए। वहीं नानाखेड़ी पुलिया, कोल्हूपुरा रपटा सहित जिले की अन्य पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश कर रहे आधा दर्जन से अधिक लोग बह गए। गुना शहर के रिलायंस पेट्रोल पम्प की दीवार बहने से उसमें बहे युवाओं का दो पहिया वाहन तो मिल गया, वाहन के साथ बहा एक युवक तो तत्काल मिल गया था लेकिन दूसरे का देर शाम तक कोई पता नहीं लगा। नौ दिन से हो रही बारिश को लेकर लोग यह बोलते देखे गए भगवान अब तो बारिश बंद करा दो। शुक्रवार सुबह ८ बजे से शाम ५ बजे तक करीब १६० मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार गुना में सामान्य वर्षा से अधिक बारिश हुई है। गुना की बारिश को देश में नम्बर वन पर बताया जा रहा है।
अंडर ब्रिज हुए लबालब, वाहन होते रहे बंद
गुना शहर के रेलवे अंडर ब्रिज बांसखेड़ी, खेजरा, म्याना, मावन, धरनावदा आदि में काफी पानी भर गया था, जिससे लोगों के वाहन वहां से निकलते में बंद होते देखे गए। आरोन के देहरी खुर्द में सिंध नदी के घाट पर एक मंदिर का पुजारी फंस गया था, जिसको ग्रामीणों ने रेस्क्यू करके बाहर निकाला। इधर पानी जिला चिकित्सालय के टीकाकरण केंद्र में भी घुस गया, अस्पताल भी जलमग्न हो गया था।
तेज बहाव में कई फंसे
बूढ़े बालाजी स्थित गौशाला चारों ओर से पानी के तेज बहाव में फंस गई। ऐसे में साहसी युवाओं ने रेस्क्यू कर गायों को निकाला। शुक्रवार सुबह ८ बजे से शाम ५ बजे तक करीब १६० मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले चांचौड़ा के पटौदी नाले में गुरुवार को तीन व्यक्ति बह गए थे। इनमें से दो का रेस्क्यू कर लिया गया। एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। उसका शव ३ किमी दूर मिला।
वाडिया नाले की नहर फूटी
बमोरी इलाके में हालात भयावह होते जा रहे हैं। वाडिया नाले की नहर एक जगह से फूट गई। इससे आस-पास के खेतों में पानी भर रहा है। वाडिया नाला ओवरफ्लो हो गया है। इससे लगभग १४-१५ गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं, झागर नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। झागर स्थित पुलिया पर ३ फीट ऊपर से पानी बह रहा है। ऐसे में भी लोग पुलिया पार करने की कोशिश करते रहे।
सकतपुर में पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, इससे पुरापोसर की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। पार्वती नदी में विकराल रूप धारण कर लिया है। गुना से राजस्थान को जोडऩे वाले तीनों मार्ग बंद हो गए हैं। गुना के फतेहगढ़-छबड़ा रोड, धरनावदा- छबड़ा रोड और विशनवाड़ा- झालावाड़ रोड बंद है। गुना ब्लॉक की खिरिया गिर्द में घरों में पानी घुस गया है। लोग अपना सामान बचाने की जुगत में हैं।
जिले में अब तक ११०० मिमी औसत वर्षा दर्ज
जिले में १ जून से अब तक ११०० मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जो कि सामान्य वर्षा का १०४.४ प्रतिशत है। जिले में गतवर्ष इसी अवधि में ४०९.८ मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा १०५३.५ मिमी है।
अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार १ जून से ६ अगस्त प्रात: ८ बजे तक तक जिले के वर्षामापी केन्द्र गुना में ९४८.१ मिमी, बमौरी में १७२०.१, आरोन में ८३४.९, राघौगढ़ में ११२८.०, चांचौड़ा में ८९९.० तथा वर्षामापी केन्द्र कुम्भराज में १०७०.० मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में बीते २४ घंटे में १३०.१ मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में वर्षा मापी केन्द्र गुना में ६५.० मिमी., बमोरी में १२८.० मिमी., आरोन में १००.३ मिमी., राघौगढ़ में १६०.० मिमी., चांचौड़ा में १७४.० मिमी. एवं वर्षा मापी केन्द्र कुंभराज में १५३.० मिमी. वर्षा दर्ज की गई।
बाढ़ में फंसे १० लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने बचाया
मूसलाधार बारिश के चलते कई कालोनियों में पानी भर गया और शहर में बाढ़ के हालात निर्मित हो गए। ऐसा ही एक मामला न्यू सिटी कॉलोनी में घटा जहां पर १० लोगों को एसडीआरएफ
रएफ की टीम ने सकुशल बचाया। ऐसा ही एक
मामला शहर की न्यू सिटी कॉलोनी में घटा जहां पर कॉलोनी में पानी भरने से एक मकान चारों तरफ से पानी से घिर गया। इस मकान के अंदर २ बच्चे सहित १० लोग थे। इस सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर सभी लोगों को सकुशल रस्सी के सहारे घर से बाहर निकाला और उन सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
गोपीकृष्ण डैम के खोले चार गेट
वहीं लगातार बारिश के कारण गोपी सागर डैम के ४ गेट सायरन बजाने के बाद खोल दिए गए। आरोन तहसील के अंतर्गत जितिया पंचायत के ग्राम आमखेड़ा राय में भारी बारिश के चलते घर गिरे, अनाज बहे।गोपी कृष्ण सागर बांध का जलस्तर ४३४.०० मीटर हो जाने से गेट नं १, गेट नं ४ एवं गेट नं ५ को (३-३-३मीटर) तथा गेट नं ३ (६.०० मीटर) तक खोल दिया गया है। कुल १५ मीटर खोल दिये है। आरोन तहसील के जितिया पंचायत के ग्राम आमखेड़ा राय में सोने लाल कुशवाह, कविंद्र सिंह जाट, मिश्रीलाल, सत्येंद्र जाट, लल्लन कुशवाह, करण सिंह कुशवाह, जीतू जाट अर्जुन जाट नितेश जाट बलवान सिंह कुशवाह आदि के मकान में पानी घुसा, मकान गिरे, प्याज, गेहूं चना आदि अनाज बह गया।
-
-जलमग्न से घबड़ाए लोगों ने हाईवे पर लगाया जाम
-जेसीबी से पानी निकलवाया, संजय सागर बांध की वेस्ट बियर खोली
राधौगढ़।राधौगढ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदियों से लेकर जलाशयों तक उफान पर होने से कई जगह रहवासियो के मकान जलमग्न हो गये। भरसूला के समीप मेर बस्ती जलमग्न होने से घबराए लोगों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि फोरलेन निर्माण के दौरान पानी की निकासी के लिये नाली नही बनाई इस कारण पूरी बस्ती जलमग्न हो रही हैं। तेज बारिश के बीच बस्ती के लोगों द्वारा लगाए गए जाम के बाद तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा एंव नगर निरीक्षक विनोद सिंह छाबई भी मौके पर पहुंचे,समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और जेसीबी से पानी निकलवाया गया।उधर मण्डी में खाद और अनाज की गोदाम में पानी भरने से बाउण्ड्री तोडकर पानी निकलाया गया संजय सागर बांध में तेजी से बढते पानी के कारण बेस्ट वियर चालू किया गया। जबकि शहर का कमलपुरा तालाब भी उफान पर है।
जिले मे भारी बारिश के चलते नदियों सेे लेकर तालाब और बांधो में तेजी से बढते पानी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कृषि मण्डी प्रांगण मे पानी भरने से अनाज की कई गोदामें और खाद की गोदाम मे पानी भरने से बाउण्ड्री के हिस्से को तुडवाकर पानी निकलाया गया। आफत की बारिश के चलते राधौगढ-भरसूला सडक मार्ग की हालत खाई-गडडों में बदल चुकी है तो उधर साडा कालोनी से जुडी निर्माणाधीन सडक मार्ग का हिस्सा भारी कटाव में बदल चुका है।
-
-राजस्थान जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है।
-गुना के इंडस्ट्रीयल एरिया में संजय राठी के एमपी बिरला सीमेन्ट गोदाम में पानी भर गया, जिससे यह सीमेन्ट पूरी तरह गीली होकर खराब हो गई।
-
एक दशक में गुना में हुई बारिश के आंकड़े
वर्ष- कुल वर्षा मिमी में
२०११-३३८.४
२०१२-२०६.३
२०१३-५४२.२
२०१४-४१५.६
२०१५-३५३.०
२०१६-४४७.५
२०१७-१०६.२
२०१८-२८४.९
२०१९- ८४५.२
२०२०-३७४.०
-
Published on:
07 Aug 2021 01:13 am
बड़ी खबरें
View Allगुना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
