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पंडित शास्त्री के सामने सिंधिया के भाषण में चिल्लाया युवक, बाउंसर्स ने धक्के मारकर भगाया

एक युवक मंच पर जा चढ़ा और चिल्लाने लगा। हंगामा कर रहे युवक को प्राइवेट बाउंसर्स और सुरक्षाकर्मियों ने हटाकर अलग किया तथा मंच से निकाल दिया।

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गुना

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deepak deewan

May 12, 2023

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सुरक्षाकर्मियों ने हटाकर अलग किया तथा मंच से निकाल दिया

गुना. एमपी के गुना में बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उस वक्त हंगामा हो गया जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाषण दे रहे थे। एक युवक मंच पर जा चढ़ा और चिल्लाने लगा। हंगामा कर रहे युवक को प्राइवेट बाउंसर्स और सुरक्षाकर्मियों ने हटाकर अलग किया तथा मंच से निकाल दिया। इधर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महाराज सहस्त्रबाहु अर्जुनजी पर दिए गए बयान पर माफी मांगी है।

गुना में पंडित शास्त्री का कार्यक्रम बुधवार को हुआ जिसमें मंच पर हंगामा हो गया। इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक मंच पर चिल्लाता नजर आ रहा है। युवक मंच पर चढ़ा और पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सामने आकर चिल्लाने लगा। उसे चिल्लाते देख तुरंत बाउंसर्स सक्रिय हुए और युवक को हटाकर अलग कर दिया। बाउंसर्स ने युवक को धक्के मारकर वहां से हटाया और मंच से नीचे कर दिया।

यह हंगामा उस समय हुआ जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाषण दे रहे थे। इसी दौरान युवक जोरों से चिल्लाने लगा। इस पूरी घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि जो युवक मंच पर जाकर चिल्लाया वह पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का करीबी है। उसका नाम राजकुमार रघुवंशी है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि चिल्लाया नहीं था, उसे देवी आ गयी थी।

इधर भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुनजी पर दिए गए बयान पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली है। इस संबंध में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बाकायदा वीडियो जारी कर माफी मांगी है। बागेश्वर धाम सरकार के आधिकारिक एकाउंट से पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह वीडिया और बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है पूज्य सरकार यानि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान परशुरामजी एवं महाराज सहस्त्रबाहु अर्जुनजी के मध्य हुए युद्ध के विषय में जो भी कहा है वह हमारे पवित्र हिन्दू शास्त्रों में वर्णित आधार पर कहा गया है। उनका उद्देश्य किसी भी समाज अथवा वर्ग की भावनाओं को आहत करने का नहीं था न ही कभी होगा। वे सदैव सनातन की एकता के पक्षधर रहे हैं।