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कृषि कानूनों का विरोधः ट्रैक्टर पर सवार हुए राहुल गांधी और कैप्टन, ड्राइवर हैं सुनील जाखड़

पंजाब के मोगा में हुई सभा में राहुल गांधी ने कहा- कठपुतली सरकार किसानों को खत्म करना चाहती है हाथरस की घटना पर कहा- सीएम योगी आदित्यनाथ और डीएम पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं
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गुरदासपुर

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Bhanu Pratap Singh

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Updated: 4 Oct 2020, 4:57 PM IST

राहुल गांधी

कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर पर सवार राहुल गांधी और कैप्टन अमरिन्दर सिंह। चला रहे हैं सुनील जाखड़।

चंडीगढ़। पंजाब के मोगा से केन्द्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली शुरू हो गई। ट्रैक्टर पर राहुल गांधी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह सवार हैं। ट्रैक्टर चला रहे हैं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़। नवजोत सिंह सिद्धू को ट्रैक्टर पर जगह नहीं मिली है। आधिकारिक रूप से इसे ‘खेती बचाओ यात्रा’ का नाम दिया गया है। 22 किलोमीटर चलकर ट्रैक्टर रैली लुधियाना जिले के रायकोट के पास जट्टपुरा गांव में पहुंची। यहां से रैली पांच अक्टूबर को सुबह चलेगी। इस मौके पर राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने मोदी सरकार को कठपुतली सरकार बताते हुए कहा कि सरकार किसानों को खत्म करना चाहती है।

अडाणी और अंबानी को खुश करने के लिए कानून बनाए

मोगा के बदनीकलां गांव में ट्रैक्टर रैली शुरू होने से पूर्व सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के कानून सिर्फ अडाणी और अंबानी को खुश करने के लिए बनाए हैं ताकि वह पंजाब की किसानी को खा सकें। अगर किसानों के लिए कानून होते तो फिर आंदोलन नहीं होता। किसान खुश नहीं है, इससे साफ है कि यह कानून उनके खिलाफ हैं।

हाथरस की घटना पर क्या कहा

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ आवाज उठाने वालों को घरों में बंद किया जा रहा है। हाथरस की घटना में जिन्होंने हत्या की, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिनकी बेटी मरी, उल्टा उनको घर में बंद कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ और डीएम पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं। यह हिंदुस्तान की हालत बन चुकी है

पंजाब-हरियाणा के किसानों ने हिन्दुस्तान को खाद्य सुरक्षा दी

उन्होंने कहा कि पहली बार मैंने इसे भट्टा परसौल में देखा। जब भी ये चाहते थे किसानों की जमीन छीन लेते थे। हमने भूमि अधिग्रहण कानून को बदला। आपकी जमीन की रक्षा की। बाजार दर से चार गुना ज्यादा मूल्य दिलाया। नरेंद्र मोदी आए और उन्होंने हमारे नए कानून को रद्द किया। पुराने जमाने में कठपुतली होती थी। जिन्हें पीछे से धागे के सहारे से चलाया जाता था। यह सरकार भी कुछ लोग चला रहे हैं। पंजाब-हरियाणा के किसानों ने हिंदुस्तान को खाद्य सुरक्षा दी। केंद्र सरकार ने एमएसपी, फसल खरीद और मंडी का ढांचा बनाया था। मोदी सरकार इन्हें खत्म करना चाहती है। लक्ष्य इनका फसल खरीद और एमएसपी को खत्म करने का है। इनको पता है कि जैसे ही एमएसपी और फसल खरीद खत्म होगी, वैसे ही पंजाब-हरियाणा के किसान खत्म हो जाएंगे। लेकिन कांग्रेस पार्टी ये करने नहीं देगी। मैं और कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन के साथ खड़ी है। जिस दिन हमारी सरकार आएगी उस दिन हम इन काले कानून को रद्द कर फेंक देंगे। पंजाब-हरियाणा और पूरे हिन्दुस्तान का किसान पीछे नहीं हटेगा।

काला कानून

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने मांग की कि केन्द्र सरकार काले कानून तत्काल वापस ले। कहीं ऐसा न हो कि बहुत देर हो जाए। कांग्रेस किसी भी सूरत में किसानों की खेती कारपोरेट को नहीं सौंपने देगी। पूरे देश का किसान काले कानूनों का विरोध कर रहा है।

पंजाब तो बर्बाद हो जाएगा

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कृषि कानून से पंजाब का किसान तबाह हो जाएगा। पंजाब तो बर्बाद हो जाएगा। केन्द्र सरकार का उद्देश्य खेती किसानों से छीनकर कारपोरेट घरानों को सौंपना है, जिसे हम करने नहीं देंगे। केन्द्र सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे।

नवजोत सिंह सिद्धू की सलाह

पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने सलाह दी कि पंजाब सरकार किसानों से एमएसपी पर फसल खरीदे। पंजाब में कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर फसल की खरीदारी हो। सिद्धू ने कहा कि अगर लोगों में रोष और आक्रोश आ जाए तो दिल्ली की सरकार को उलटना निश्चित है। ये लिख लो। आज किसान घबराया हुआ और सड़कों पर आया । पंजाब का किसान अन्न पैदा कर ही अन्नदाता बना। पंजाब को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की लड़ाई क्यों लड़नी पड़ी। क्योंकि पंजाब ने 80 करोड़ का पेट भरा। आज केंद्र सरकार एहसास फरामोश हो गई है। ये सरकार पूंजीपति के हाथों में सबकुछ देना चाहती है। उन्होंने चार पंक्तियां सुनाकर जोश पैदा कर दिया-

दरबार-ए-वतन में जब इक दिन सब जाने वाले जाएंगे

कुछ अपनी सज़ा को पहुंचेंगे, कुछ अपनी जज़ा ले जाएंगे

ऐ ख़ाक-नशीनो उठ बैठो वो वक़्त क़रीब आ पहुंचा है

जब दिल्ली के तख़्त गिराए जाएंगे, जब ताज उछाले जाएंगे

पांच अक्टूबर का कार्यक्रम

5 अक्टूबर को कुल 20 किमी की दूरी तय की जाएगी। शुरुआत बरनाला चौक, संगरूर में एक स्वागत कार्यक्रम से होगी, जहां से राहुल गांधी और उनकी टीम पटियाला जिले के समाना में ट्रैक्टरों को खड़ा करने से पहले एक सार्वजनिक बैठक के लिए भवानीगढ़ तक कार से जाएगी। राहुल समाना शहर में अनाज मंडी में एक सार्वजनिक बैठक के साथ रैली की समाप्ति से पहले कुछ समय के लिए फतेहगढ़ छाना और बह्मना गांवों में रुकेंगे।

छह अक्टूबर का कार्यक्रम

6 अक्टूबर को, पटियाला जिले के दुधन सधन गांव से एक सार्वजनिक बैठक के साथ रैली शुरू हो जाएगी। ट्रैक्टर रैली 10 किमी पिहोवा सीमा पर जाएंगी। वहां से राहुल गांधी पड़ोसी राज्य हरियाणा में प्रवेश करेंगे। हरियाणा सरकार उन्हें रोकने पर आमादा है। कांग्रेसी हरियाणा में जाकर विरोध करने के लिए कटिबद्ध हैं।