गुवाहाटी

असम के राज्यपाल पर कांग्रेस ने साधा निशाना

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर उदयपुर शहर से कांग्रेस के प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने निशाना साधा है। बिना नाम लिए गौरव ने कहा- छिप-छिपकर दौरे न करें। अगर, आना है तो पद से इस्तीफा देकर आएं।

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असम के राज्यपाल पर कांग्रेस ने साधा निशाना

-कहा- छिप-छिपकर दौरे न करें, आना है तो पद से इस्तीफा देकर आएं

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पर उदयपुर शहर से कांग्रेस के प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने निशाना साधा है। बिना नाम लिए गौरव ने कहा- छिप-छिपकर दौरे न करें। अगर, आना है तो पद से इस्तीफा देकर आएं। राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-तैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के नेता एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं।

कटारिया के उदयपुर दौरे को लेकर उठाए सवाल

उदयपुर शहर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के उदयपुर दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। गौरव वल्लभ ने बिना नाम लिए कहा- छिप-छिपकर दौरे न करें। अगर, आना है तो पद से इस्तीफा देकर आएं। कांग्रेस की ओर से कटारिया के दौरे को लेकर दीपावली के दिन निर्वाचन विभाग से शिकायत भी गई थी। इसमें राज्यपाल कटारिया पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

महापौर के आवास पर पहुंचे कटारिया

दरअसल, सोमवार रात को असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उदयपुर शहर महापौर जीएस टांक के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान वहां भाजपा के पार्षद और स्थानीय नेता भी मौजूद थे। जानकारी लगने पर कुछ मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए। कुछ देर बाद बाहर आने पर भाजपा नेताओं ने कहा कि दीपावली मिलन के लिए आए थे। राज्यपाल के इस दौरे पर कांग्रेस प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने सवाल उठाए। साथ ही जिला निर्वाचन विभाग को लिखित में शिकायत भी दी। जिसमें भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में बैठक करने और आचार संहिता का उल्लघंन करने का आरोप लगाते हुए कटारियों के दौरों को रोकने की मांग की गई है।

संविधान पर अटूट विश्वास

उदयपुर शहर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने प्रेसवार्ता कर कहा- भारत के संविधान पर मेरा अटूट विश्वास है। हर पद की एक गरिमा होती है। लेकिन, किसी प्रदेश का राज्यपाल रात में छिपकर जाता है तो सवाल तो पूछे जाएंगे। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, जिसे आना है आ जाओ। लेकिन, आना है तो पद से इस्तीफा देकर आओ। राज्यपाल को छिप-छिपकर दौरे नहीं करने चाहिए।

Published on:
15 Nov 2023 05:30 pm
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