
चुनाव आयोग ने असम की मसौदा मतदाता सूची की जारी (Photo-IANS)
असम में अगले साल विधानसभा चुनाव (Assam,Assembly Polls) होने हैं। इससे पहले प्रदेश में शनिवार को SIR के बाद चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने मौसाद वोटर लिस्ट जारी की है। एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से 10.56 लाख से अधिक लोगों के नाम कट गए हैं।
ईसी द्वारा जारी मौसादा वोटर लिस्ट के मुताबिक प्रदेश में अब 2,51,09,754 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 93,021 संदिग्ध मतदाता शामिल नहीं हैं, जबकि 10,56,291 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिन्हें मृत्यु, प्रवास या पंजीकरण सूची में दोहराव जैसे कारणों से हटाया गया।
बता दें कि अब वोटर 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद 10 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट की सूची जारी की जाएगी। ईसी द्वारा जारी बयान के मुताबिक वोटर लिस्ट से हटाए गए 10.56 लाख नामों में से 4,78,992 नाम मृत्यु के कारण हटाए गए।
इसके अलावा 5,23,680 मतदाता अपने पंजीकृत पते से कहीं और चले गए और 53,619 जनसांख्यिकीय रूप से समान प्रविष्टियों को सुधार के लिए पहचाना गया। बयान में कहा गया है कि सत्यापन प्रक्रिया में राज्य भर के 61,03,103 परिवार शामिल थे।
असम में डी-वोटर्स मतदाताओं का एक वर्ग है। इन्हें सरकार द्वारा नागरिकता संबंधी दस्तावेजों में कमी के कारण वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। दरअसल, ऐसे वोटरों की पहचान विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत विशेष न्यायाधिकरणों द्वारा की जाती है, और जिन व्यक्तियों को डी-वोटर्स घोषित किया जाता है, उन्हें मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किए जाते हैं।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के मसौदे में डी-वर्ग के मतदाताओं से संबंधित सभी विवरण, जिनमें उनका नाम, आयु और फोटो शामिल हैं, अपरिवर्तित रूप से शामिल किए हैं।
चुनाव आयोग ने असम के लिए SIR प्रक्रिया में एक विशेष संशोधन का आदेश दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था, “नागरिकता अधिनियम के तहत असम में नागरिकता के लिए अलग प्रावधान हैं। सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में नागरिकता की जांच प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है।”
Published on:
27 Dec 2025 07:40 pm
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