-ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वेटिंग....-डिजिटल लॉकर में अपलोड की सुविधा.......
ग्वालियर। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में रोज करीब 150 स्थायी लाइसेंस बन रहे हैं। लेकिन चिप कार्ड पर्याप्त नहीं होने के कारण आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कार्ड उपलब्ध न होने के कारण आवेदकों को डिजिटल लॉकर में स्थायी लाइसेंस, बीमा और रजिस्ट्रेशन रखने की सुविधा दी गई है।
एक महीने पहले शुरू की डिजिटल लॉकर की व्यवस्था
वाहन चालक चैकिंग के दौरान डिजिटल लॉकर में रखे दस्तावेज दिखा सकते हैं। फिलहाल चिप कार्ड न होने के कारण करीब छह हजार आवेदक वेटिंग में हैं। स्थायी लाइसेंस के लिए चिप कार्ड की कमी होने के कारण नियमित रूप से कार्ड जारी नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए आवेदकों को कार्ड के लिए दो से तीन महीने का इंतजार करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग ने आवेदक की सुविधा के लिए डिजिटल लॉकर की सुविधा दी है। इसमें आवेदक का स्थाई लाइसेंस बनने के बाद वह डिजिटल लॉकर में अपलोड हो जाएगा। यदि आवेदक को कार्ड सात दिन में नहीं मिलता है तो डिजिटल लॉकर में रखा कार्ड भी मान्य होगा।
दो से तीन महीने की चल रही वेटिंग
आरटीओ की कंपू शाखा में प्रतिदिन करीब 150 ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं, लेकिन आवेदकों को कार्ड सात दिन में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कार्ड के लिए दो से तीन महीने की वेटिंग चल रही है। स्थायी लाइसेंस बनने के बाद आवेदक लाइसेंस कार्ड के लिए कंपू स्थित लाइसेंस शाखा के चक्कर लगाते हैं, लेकिन कार्ड के लिए समय देकर लौटा दिया जाता है।
एक्सपर्ट व्यू- डिजिटल लॉकर से यह दस्तावेज दिखा सकते हैं
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ग्वालियर एचके सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने डिजिटल लॉकर की व्यवस्था की है, जिसमें आवेदक अपने वाहन से संबंधित दस्तावेज रख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वह डिजिटल लॉकर से यह दस्तावेज दिखा सकते हैं, जो मान्य होंगे। चिप कार्ड की वेटिंग को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी हाल में दो हजार कार्ड भोपाल से आ गए हैं। पिछले कुछ दिनों से डिजिटल कार्ड की कमी होने के कारण यह सुविधा शुरू की गई है। स्थाई लाइसेंस बनने के बाद यह डिजिटल लॉकर में सेव करने की सुविधा उपलब्ध रहेगा।