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1 लाख करदाताओं को नोटिस जारी, छिपानी पड़ रही संम्पति !

MP News: नियमों के मुताबिक, यदि किसी विदेशी संपत्ति या बैंक खाते की जानकारी छिपाई गई, तो 10 लाख जुर्माना और दोषी पाए जाने पर 6 माह से लेकर 7 साल तक जेल का प्रावधान है।

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income tax returns

income tax returns (फोटो-freepik)

MP News: अगर आपके मोबाइल या ई-मेल पर आयकर विभाग का संदेश है कि 'आपका रिफंड होल्ड पर है और इसमें सुधार की जरूरत है', तो इसे नजरअंदाज न करें। प्रदेश के एक लाख से अधिक करदाता विभाग के रडार पर हैं। विभाग ने आइटीआर में विसंगति वाले प्रदेश के करदाताओं पर शिकंजा कसा है। रिवाइज्ड रिटर्न का समय 31 दिसंबर को समाप्त हो चुका है। अब उनके पास 'अपडेटेड रिटर्न' ही एकमात्र रास्ता बचा है।

आयकर विभाग ने साफ किया है कि ये संदेश किसी कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि करदाताओं को सतर्क करने और स्वेच्छा से सुधार का अवसर देने के लिए है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये संदेश उन्हीं मामलों में भेजे गए हैं, जहां आईटीआर में दी जानकारी और विभाग के पास मौजूद डाटा में अंतर मिला है। यह डाटा बैंक, निवेश संस्थानों और विदेशी टैक्स एजेंसियों से मिलता है।

विदेशी संपत्ति छिपाई तो 7 साल तक की जेल

आयकर विभाग अब केवल डेटा तक सीमित नहीं है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी विदेशी संपत्ति या बैंक खाते की जानकारी छिपाई गई, तो 10 लाख जुर्माना और दोषी पाए जाने पर 6 माह से लेकर 7 साल तक जेल का प्रावधान है।

इसलिए फंसे रिफंड

  1. शेयर आयः करदाताओं ने शेयरों से होने वाली आय को आइटीआर में नहीं दिखाया।
  2. विदेशी संपतिः मादीनेसनल कंपनियों के कर्मियों ने विदेशी रोवर शेवर को फॉरेन असेट कॉलग में नहीं दिलाया।
  3. अतिरिक डिडक्शनः रिफंड पाने के लिए ऐसी छूट या कटौती क्लेग की, जो फॉर्ग-16 में दर्ज ही नहीं थी।
  4. राजनीतिक चंदेः आय का बड़ा हिस्सा राजनीतिक चंदे में दिलाने वाले भी जांच में हैं।

ये भी जान लें- कौन सा आइटीआर फार्म सही

विदेशी एसेट दिखाने के लिए आमतौर पर आइटीआर-2 या आइटीआर-3 का इस्तेमाल करना होता है। आइटीआर-1 या आइटीआर-4 इसमें मान्य नहीं हैं। यानी अगर आयकर विभाग का मैसेज-नोटिस आया है तो नजरअंदाज न करें। एआइएस जांचें, सही जानकारी दें और समय रहते आइटीआर सुधारें ताकि भविष्य में जुर्माने से बच सके।