
25-30 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बना दिए, कॉलेजों ने जताई आपत्ति
ग्वालियर . जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए बनाए गए परीक्षा केंद्रों को लेकर मुरैना जिले के भीद कई कॉलेजों में नाराजगी है। कॉलेज संचालकों ने परीक्षा नियंत्रक को आपत्तियां भेजते हुए मांग की है कि नजदीकी कॉलेजों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
बानमोर के पंडित नेहरू कॉलेज ने आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय ने इसका परीक्षा केंद्र पास के शासकीय महाविद्यालय बानमोर की जगह डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय ग्वालियर बना दिया है, जो करीब 25 किलोमीटर दूर है और जिला भी अलग है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि जब बानमोर में ही सरकारी कॉलेज मौजूद है तो छात्रों को दूसरे जिले में क्यों भेजा जा रहा है। इसी तरह एसबीडी आट््र्स एंड साइंस कॉलेज नगरा पोरसा का परीक्षा केंद्र 34 किलोमीटर दूर अंबाह पीजी कॉलेज बना दिया गया है, जबकि कॉलेज से 6 किलोमीटर दूर शासकीय महाविद्यालय रजौधा और 18 किलोमीटर दूर शासकीय महाविद्यालय पोरसा उपलब्ध हैं।
आरवीएस कॉलेज पोरसा का परीक्षा केंद्र भी अंबाह पीजी कॉलेज तय कर दिया गया है, जबकि पोरसा में ही शासकीय कॉलेज मौजूद है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि दो निजी कॉलेजों के कुल करीब 35 विद्यार्थियों की ही परीक्षा होनी है, इसलिए परीक्षा केंद्र पोरसा या रजौधा में बनाया जा सकता है। स्वामी श्री रामकृष्ण परमहंस महाविद्यालय मुरैना का केंद्र भी 10 किलोमीटर दूर शासकीय लॉ कॉलेज मुरैना कर दिया गया है, जबकि महज 1 किलोमीटर दूरी पर शासकीय कन्या महाविद्यालय और ऋषि गालव कॉलेज हैं। कॉलेज संचालकों का कहना है कि दूर केंद्र बनाने से छात्राओं को परेशानी होगी। इसलिए विश्वविद्यालय को छात्रों के हित में परीक्षा केंद्रों की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए।
Updated on:
12 Mar 2026 05:50 pm
Published on:
12 Mar 2026 05:49 pm
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