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अब फटाफट होगा ‘हार्ट अटैक-स्ट्रोक’ का इलाज, एम्स में शुरू होगा ICU भवन

MP News: एम्स में कैंसर ब्लॉक के पास चार मंजिला अत्याधुनिक आइसीयू भवन का निर्माण अंतिम चरण में है।
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भोपाल

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Astha Awasthi

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Updated: 28 Dec 2025, 10:51 AM IST

AIIMS

AIIMS (Photo Source - Patrika)

MP News: साल 2026 में राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। बड़े बुनियादी ढांचा विस्तार के तहत एम्स भोपाल में नई क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू), अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशन थिएटर, गामा नाइफ, पेट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी व प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे।

इसके साथ ही शहर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के स्थापित होंगे। एम्स में कैंसर ब्लॉक के पास चार मंजिला अत्याधुनिक आइसीयू भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। यह ऑर्गन फेलियर, गंभीर संक्रमण, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य जटिल रोगों से ग्रस्त मरीजों के लिए जीवन रक्षक सुविधा उपलब्ध कराएगा। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों के लिए बेड क्षमता बढ़ाना है।

गामा नाइफ और पेट स्कैन

ब्रेन ट्यूमर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज के लिए गामा नाइफ मशीन की स्थापना अंतिम चरण में है। वहीं गंभीर बीमारियों की सटीक पहचान के लिए पेट स्कैन मशीन भी लगाई जा रही है, जिससे कैंसर और हृदय रोगों के इलाज में तेजी आएगी।

अलग अंग प्रत्यारोपण ओटी

एम्स के मुख्य भवन में अंग प्रत्यारोपण के लिए अलग ऑपरेशन थिएटर तैयार किए जा रहे हैं। यहां हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया समेत सभी प्रमुख अंगों का प्रत्यारोपण एक ही छत के नीचे होगा। इसमें रोबोटिक सर्जरी सिस्टम, उडी प्रिंटिंग तकनीक और मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा शामिल होगी। इससे एम्स भोपाल मध्य भारत का प्रमुख ट्रांसप्लांट हब बनेगा।

जनवरी में फैसला

एम्स अधिकारियों के अनुसार, जनवरी में की कार्यकारिणी बैठक में तय होगा कि कौन सी सेवाएं पहले शुरू होंगी। अधिकतर परियोजनाएं मार्च से जून 2026 के बीच पूरी होंगी।

राजधानी में खुलेंगे नए 12 पीएचसी

इधर राज्य सरकार ने भोपाल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित किए जाएंगे। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि कई के भवन बनकर तैयार है और कुछ के भवन बनाए जा रहे हैं। इनमें लगभग 14 तरह की तत्काल जांचें, गर्भावस्था और शिशु देखभाल, परिवार नियोजन, संचारी व गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग और प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, योग और टेली-परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अभी भोपाल में 92 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। अब आंकड़ा सौ के पार पहुंच जाएगा।