23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

MP में बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी, इन जिलों के कलेक्टर बदलेंगे

MP News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Himanshu Singh

•

Updated: 15 Feb 2026, 4:07 PM IST

mp news

फोटो सोर्स- पत्रिका

MP News: मध्य प्रदेश में एसआईआर का काम खत्म होते ही एक बार फिर से बड़े स्तर प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी है। इस बार अनुमान जताया जा रहा है कि कई कलेक्टरों के जिलों में बदलाव किया जा सकता है। इसके पीछे की मुख्य वजहें प्रमोशन, कार्यकाल और लापरवाही हैं।

इंदौर कलेक्टर पर गिर सकती है गाज

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा कलेक्टर बनाए जाने से पहले निगमायुक्त थे। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद सीएम डॉ मोहन यादव ने तत्कालीन आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया था। इधर, भागीरथपुरा घटना पर जनप्रतिनिधियों का कहना था कि देखा जाए तो मामले की जिम्मेदारी कलेक्टर शिवम वर्मा की भी थी। अब एसआईआर के बाद उन पर गाज गिर सकती है।

ग्वालियर कलेक्टर भी रडार पर

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को बीते महीने ही एक प्रशासनिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना गया था। उनके तबादले की भी संभावना जताई जा रही है। वह 11 मार्च 2024 से कलेक्टर पद संभाल रही हैं।

भोपाल कलेक्टर भी बदलेंगे

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सचिव पद पर प्रमोट किया जा चुका है। आने वाले समय में उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय या किसी दूसरे विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

शहडोल कलेक्टर का रिटायरमेंट इसी साल

शहडोल दौरे पर सीएम डॉ मोहन यादव आए थे। उस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देश पर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ था। अगर इस मुद्दे को विधानसभा में उठाती है तो सरकार अक्रामक रूख अपना सकती है। अगर राजनीतिक रसूख काम नहीं आया तो केदार सिंह बतौर शहडोल कलेक्टर ही रिटायर होंगे। क्योंकि उनका रिटायरमेंट इसी साल है।

इन कलेक्टरों का कार्यकाल पूरा

शिवपुरी से कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी के तीन साल पूरे हो चुके हैं। उनका रिटायरमेंट नवंबर महीने में होना है। वह 1 जनवरी से अपर सचिव पद प्रमोट भी किए जा चुके हैं।

धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। उन्हें सरकार कोई बड़ा जिला या फिर बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को भी तीन साल हो चुके हैं।

सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी का दो साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। वहीं, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को तीन साल पूरे हो जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, अगर फेरबदल हुआ तो विधानसभा के बजट सत्र के दौरान करीब 17 जिलों में पदस्थ आईएएस अफसरों के तबादले किए जा सकते हैं।