
Bhopal Metropolitan Region प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: सरकार ने आखिरकार भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की सीमा तय कर दी। यह 12099 वर्ग किमी. में फैला होगा। यह मुंबई मेट्रोपॉलिटन एरिया से करीब दोगुना होगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन एरिया 6328 वर्ग किमी. में है। भोपाल मेट्रो में रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम जिले आएंगे।
इस क्षेत्र में 2524 गांव, 12 नगरीय क्षेत्र, 30 तहसीलें आएंगी। औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप, गोविंदपुरा, भोपाल आइटी पार्क, सीहोर जिले का आष्टा एग्रो प्रोसेसिंग व नर्मदापुरम जिले का मोहासा भी शामिल रहेगा। पहली बार सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का मानचित्र लॉन्च किया। अब काम में तेजी आएगी।
इंदौर और भोपाल में मेट्रो दौडऩे लगी है। अब दोनों शहरों में दिल्ली की तरह जमीन के नीचे भी मेट्रो दौड़ेगी। केंद्रीय मंत्री खट्टर ने इसकी सहमति दी। इसे सीएम ने प्रदेशवासियों से साझा किया। इंदौर को मिली इस सौगात से भोपाल के बाकी क्षेत्रों में भूमिगत मेट्रो के रास्ते खुलेंगे। बता दें, इंदौर में भूमिगत मेट्रो लाइन में कई विवाद थे। इससे काम शुरू करने पर संशय था। इस पर सीएम ने बैठक में केंद्रीय मंत्री से चर्चा की और हल निकला।
मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में होने वाले काम से रोजगार के करीब 10 लाख नए अवसर खुलेंगे। मेट्रो का विस्तार होगा। बेहतर सड़क और रेल संपर्क से अन्य शहरों तक सुगम पहुंच होगी। पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
Updated on:
21 Dec 2025, 11:28 AM IST
Published on:
21 Dec 2025, 11:28 AM IST
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