
सरकारी जमीन पर भूखंड आवंटित किए
ग्वालियर. वर्ष 2018 से 2022 तक हुई एंटी माफिया अभियान की कार्रवाई में सरकारी जमीन पर बसे लोगों को हटाया गया था। प्रशासन ने नेताओं के दबाव में राजस्व अधिनियम में रास्ता निकालकर केदारपुर में सरकारी जमीन पर इन्हें भूखंड आवंटित किए हैं। साथ ही धारणाधिकार अधिनियम में भी पट्टा देने का काम प्रक्रिया में है। इससे उत्साहित होकर भूमाफिया ने मोहनपुर जारगा बेहटा गिरगांव सोहनपुर पुरानी छावनी गंगा मालनपुर साडा क्षेत्र के अलावा शहर के बीच कैंसर पहाड़ी महलगांव पहाड़ी सहित अन्य सरकारी जगहों पर लगभग 3500 कच्चे.पक्के अवैध मकान बनवा दिए हैं। ज्यादातर अवैध कब्जे क्षेत्रीय रसूखदार नेता और अधिकारियों की जानकारी में होने से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
हाल ही में सिरोल क्षेत्र से हटाए गए अवैध कब्जेधारियों को भूखंड मिलने के बाद अब झांसी रोड की बेशकीमती जमीन पर तेजी से कब्जे हो रहे हैं। इन अवैध कब्जाधारियों को नगर निगम के टैंकर पानी उपलब्ध करा रहे हैं और बिजली कंपनी के अधिकारी बिजली दे रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी हर दिन सामने से निकलते हैं अवैध कब्जे होते देखते हैं लेकिन स्वतः संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
झांसी रोड क्षेत्र
तपोवन से लेकर विक्की फैक्ट्री तक सड़क के एक ओर अधिकांश टीलों को काटकर समतल कर लिया गया है। यह टीले सामने से ऊंचे दिखते हैंए लेकिन पीछे की ओर भूखंड बना लिए गए हैं। कुछ लोगों ने सीमेंट कांक्रीट की सीढ़ियां बनाकर अपने भूखंड तक जाने का रास्ता भी बना लिया है। अधिकतर भूखंडों का आकार 15 सौ से 25 सौ वर्गफीट तक है। 20 पक्के मकान बन गए हैं। 75 से अधिक पाटौर बना ली गई हैं। इसके अलावा करीब 50 भूखंडों को घेरने के लिए कच्ची और अधकच्ची बाउंड्री और झोपड़ी बना ली गई हैं।
मुरार क्षेत्र
मोहनपुर.जारगा.बड़ागांव.खुरैरी
सिरोल पहाड़ीए आरटीओ कार्यालय पहाड़ी के पीछे के क्षेत्र और फूटी कॉलोनी पर सरकारी जगह से हटाए गए लोगों को प्रशासन द्वारा दूसरी जगह भूखंड आवंटित किए गए हैं। राजनीतिक दबाव में भूखंड आवंटित होने के बाद अब छुटभैये नेताओं ने मोहनपुर बड़ागांव और खुरैरी गांवों में सरकारी जमीनों को कब्जाकर अवैध तरीके से बेचना शुरू कर दिया है। दो से ढाई लाख रुपए में जमीन बेचकर भू माफिया गरीबों से धोखा कर रहा है।
ग्वालियर क्षेत्र
कृष्णानगर.रहमतनगर
पुरानी छावनी की कृष्णानगर और रहमतनगर पहाड़ी पर गंगा मालनपुर.जलालपुर के भू माफिया ने कब्जा करके बेच दिया था। पहाड़ी पर हुई बसाहट पूरी तरह से अवैध होने के बाद भी प्रशासन ने साढ़े चार वर्ष से कोई कार्रवाई नहीं की। परिणाम यह है कि सरकारी लापरवाही और उदासीनता का फायदा उठाकर अब शंकरपुर पहाड़ी जलालपुर सहित अन्य जगहों पर सरकारी जमीनों को बेचा जा रहा है।
Published on:
29 Sept 2022 02:05 pm
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