
छह विधानसभा में 9595 ने दबाया नोटा का बटन, डबरा में सबसे ज्यादा दिखी थी नाराजगी
विधानसभा चुनाव 2018 में जिले की छह विधानसबा में 9 हजार 595 मतदाताओं ने नोटा के विकल्प को चुना था। इन वोटरों की नाराजगी सभी पार्टियों से दिखी थी, लेकिन नोटा पर गए वोट उम्मीदवारों को मिल जाते तो पार्टियों के हार जीत के समीकरण बदल जाते, क्योंकि ग्वालियर दक्षिण व ग्वालियर ग्रामीण में जीत का अंतर काफी कम था। 2023 विधानसभा में भी मतदाताओं में दोनों पार्टियों से नाराजगी दिखती है और नोटा को विकल्प के रूप में चुनते हैं तो समीकरण बदल सकते हैं। कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर है और हार जीत में ज्यादा अंतर नहीं रह सकता है।
2018 में सबसे ज्यादा डबरा के मतदाताओं में नाराजगी दिखी थी। 2389 मतदाताओं ने नोटा को चुना था। ये कांग्रेस व भाजपा सहित तीसरे विकल्प की ओर भी नहीं गए। सबसे कम वोट भितवार में नोटा को मिले थे। शहरी वोटरों ने सबसे ज्यादा नोटा के विकल्प को चुना है। भितरवार को छोट सभी विधानसभा में अर्बन क्षेत्र आता है।
सबसे ज्यादा उम्मीदवार दक्षिण में लड़े
2018 के चुनाव में सबसे ज्यादा उम्मीदवार दक्षिण विधानसभा में थे। 28 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर हुई और 121 वोट से कांग्रेस ने सीट जीती थी। 26 उम्मीदवारों को 39 हजार 813 वोट मिले थे।
- ग्वालियर विधानसबा में 22 उम्मीदवार थे। हालांकि इस विधानसभा में उम्मीदवारों में जीत-हार के बीच काफी बड़ा अंतर था।
2018 में नोटा को मिले वोट
विधानसभा नोटा
ड़बरा 2389
ग्वालियर दक्षिण 1550
ग्वालियर पूर्व 1873
ग्वालियर ग्रामीण 1349
ग्वालियर 1109
भितरवार 1325
Published on:
21 Oct 2023 11:11 am
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