
99th Tansen Sangeet Samaroh 2023: विश्व विख्यात 99वा संगीत समागम तानसेन समारोह-2023 इस बार 24 से 28 दिसंबर के बीच हजीरा स्थित संगीत सम्राट तानसेन के समाधि स्थल पर होने जा रहा है। 23 दिसंबर को इंटक मैदान में गमक कार्यक्रम से इसकी शुरूआत होगी। इसमें मुंबई की सूफियाना गायिका रिचा शर्मा प्रस्तुति देंगी। इससे पूर्व कला यात्रा निकाली जाएगी। इस वर्ष का तानसेन अलंकरण सम्मान किराना-ग्वालियर घराने के शास्त्रीय गायक पंडित गणपति भट्ट हसनगी को दिया जाएगा। वहीं राजा मानसिंह तोमर पुरस्कार उज्जैन की मालवा कला संस्था को प्रदान किया जाएगा। खास बात यह है कि इस वर्ष के तानसेन समारोह के साथ ग्वालियर अंचल के पर्यटन का भी प्रमोशन किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से 10 देशों को राजदूतों को भी बुलाया जा रहा है। तानसेन समारोह की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम वर्चुअल बैठक की गई, जिसमें मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग के उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत कला अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पांच लाख का मिलेगा पुरस्कार
तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर अलंकरण के लिए पुरस्कार की राशि को इस बार बढ़ाया गया है। तानसेन अलंकरण के लिए पूर्व में दो लाख की रकम बढ़ाकर पांच लाख और राजा मानसिंह तोमर अलंकरण के लिए एक लाख की रकम बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है। 24 दिसंबर की शाम हजीरा स्थित तानसेन समाधि स्थल पर मुख्य कार्यक्रम और सुबह हरिकथा मिलाद के साथ इसकी शुरूआत होगी। 28 दिसंबर को सुबह बेहट में और शाम को गूजरी महल में महिला संगीत सभा का आयोजन होगा।
स्थानीय समिति का गठन नहीं
तानसेन समारोह से करीब एक माह पूर्व हर बार स्थानीय समिति का गठन किया जाता है, लेकिन ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब समिति का गठन नहीं किया गया। यही नहीं स्थानीय समिति की बैठक भी नहीं हुई।
22 दिसंबर को 13 स्थानों पर सजेगी संगीत की महफिल
तानसेन संगीत समारोह के पूर्व 22 दिसंबर को शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय कलाकारों की संगीत सभाएं होंगी। समारोह में महाराज बाड़ा स्थित टाउन हॉल, बायजा ताल, हस्सू-हद्दू खां सभागृह, जय विलास पैलेस, राजा मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय, शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय, शंकर गंधर्व महाविद्यालय कंपू, दत्त मंदिर, पड़ाव स्थित गंगादास की शाला, हनुमान चौराहा स्थित लक्ष्मीनाराण मंदिर, मुरार स्थित द्वारिकाधीश मंदिर, पड़ाव स्थित तानसेन कलावीथिका और ग्वालियर दुर्ग पर संगीत की महफिलें सजेंगी। इसके साथ ही शिवपुरी, दतिया और बटेश्वर में भी पूर्व रंग गमक कार्यक्रम किए जाएंगे।
वर्कशॉप कराई जाएगी
यूनेस्को ने हाल ही में ग्वालियर शहर को सिटी ऑफ म्यूजिक का दर्जा दिया है। वाराणसी और चेन्नई भी इसमें शामिल है। ऐसे में वहां के संगीतकारों की यहां जीवाजी विश्वविद्यालय और राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय में वर्कशॉप कराई जाएगी। वहां के महापौर को भी इसमें आमंत्रित किया जाएगा।
Updated on:
13 Dec 2023 03:07 pm
Published on:
13 Dec 2023 02:39 pm
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