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ग्वालियर शहर में बनेगी शानदार 14.7 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड, केन्द्र से मिले पैसे भोपाल से अटके

शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बनाए जा रहे एलिवेटेड रोड की अगले महीन से टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। क्योकि केंद्र सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के साथ ही 406 करोड़ रुपए...

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ग्वालियर शहर में बनेगी शानदार 14.7 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड, केन्द्र से मिले पैसे भोपाल से अटके

ग्वालियर. शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बनाए जा रहे एलिवेटेड रोड की अगले महीन से टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। क्योकि केंद्र सरकार से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के साथ ही 406 करोड़ रुपए का फंड जारी किया जा चुका है और प्रदेश सरकार भी अपने हिस्से का करीब 41 करोड़ का फंड इसी माह जारी कर देगी। क्योंकि इसकी सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सिर्फ औपचारिकता होना बाकी रह गई है। इसके बाद फरवरी माह से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
829 करोड़ की लागत से दो फेज में एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें पहले चरण में रानी लक्ष्मीबाई समाधि से लेकर ट्रिपल आइटीएम तक की रोड बनेगी, जबकि दूसरी फेज में गिरवाई से लेकर रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक सड़क का निर्माण किया जाएगा, लेकिन जब तक प्रदेश सरकार द्वारा 40 करोड़ की राशि नहीं मिल जाती तब तक एलिवेटेड रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी।
बता दें एलिवेटेड रोड को बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 406 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही केंद्र सरकार ने एलीवेटेड रोड के निर्माण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी है। अब राज्य सरकार के पास लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 40 करोड़ रुपए की स्वीकृति के लिए फाइल भेजी गई है। जब राज्य सरकार सड़क को सैद्धांतिक स्वीकृति देगी तभी इस सड़क का निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल राज्य शासन से राशि नहीं आने के चलते फिलहाल टेंडर सहित अन्य कागजी कार्रवाई अटकी पड़ी हुई हैं।

यातायात का दबाव हो जाएगा कम
14.7 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड बनने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहन 20 से 25 मिनट के अंदर अपना सफर पूरा कर सकेंगे। इसके साथ ही एलिवेटेड रोड बनने से चार शहर का नाका से फूलबाग तक के मौजूदा मार्ग पर 60 प्रतिशत तक यातायात का दबाव कम होगा। क्योंकि, फोरलेन बनाने जाने वाले फ्लाईओवर पर बड़ी संख्या में गाडिय़ां आसानी से आ जा सकेंगे। इससे न सिर्फ शहर के अंदर बल्कि बाहरी यातायात का दबाव भी कम होगा।

एलीवेटेड रोड बनने की प्रक्रिया को इस तरह समझें
- पहले चरण में लक्ष्मीबाई समाधि से ट्रिपल आइटीएम तक सड़क बनाई जाएगी।
- 6.5 किलोमीटर में 200 से 225 पिलर खड़े किए जाएंगे।
- मेट्रो की तर्ज पर निर्माण कार्य किया जाएगा और पिलर खड़े होते ही सड़क बिछाई जाएगी।
- 14.7 किलोमीटर लंबे इस एलीवेटेड रोड पर विद्युत की व्यवस्था भी होगी।
- एलीवेटेड रोड में फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा।
- एलीवेटेड रोड में सड़कों के बीच डिवाइडर भी लगाए जाएंगे।
- सुरक्षा के लिए एलीवेटेड रोड के दोनों ओर मजबूत दीवार भी बनाई जाएगी।
- प्रथम फेज में लक्ष्मीबाई कॉलोनी, हजीरा, सागरताल पर एलीवेटेड रोड को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे लोग इस पर आसानी से आ जा सके।
- प्रथम फेज का कार्य लगभग तीन साल में पूर्ण कर लिया जाएगा।
- ग्लोबल टेंडर बुलाया जाएगा। जिसमें दूसरे राज्य की बड़ी कंपनियां भी भागीदारी कर सकेंगी।
- दूसरे चरण में लगभग 200 पिलर बनाए जाएंगे।
- हनुमान बांध के ऊपर से होते हुए एलीवेटेड रोड सीधे गिरवाई से निकलकर सीधे हाइवे से मिलाई जाएगी।
- 2.5 मीटर की दूरी पर पिलर खड़े किए जाएंगे।
- 829 करोड़ रुपये में बनाई जाएगी एलीवेटेड रोड।

अगले महीने टेंडर प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी
प्रथम फेज के एलिवेटेड रोड बनाने के लिए 447 करोड़ रुपए की जरूरत है। इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 406 करोड़ रुपए आ चुके हैं। बांकी की राशि के लिए राज्य शासन के पास प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें लगभग सभी कागजी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। संभावित इसी महीने राशि आते ही अगले महीने से टेंडर प्रक्रिया का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
पवन प्रजापति, प्रभारी अधीक्षण यंत्री सेतु संभाग