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आफत का सफर बना बहोड़ापुर से पुरानी छावनी तक का

पहली ही बारिश में बहोड़ापुर से पुरानी छावनी तक की सडक़ पर निकलना हो रहा मुश्किल

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A tragic journey from Bahodrapur to purani chhawani

आफत का सफर बना बहोड़ापुर से पुरानी छावनी तक का

ग्वालियर. बहोड़ापुर से पुरानी छावनी तक की चार किलोमीटर लंबी सडक़ पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। इस सडक़ पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आएं हैं। इन गड्ढों के बीच से वाहन चालकों को गुजरना मजबूरी बन गया है। गड्ढों में बारिश का पानी भरने व कीचड़ फैलने से सडक़ पर फिसलन बढ़ रही है। कई बार रोड से गुजरने वाले वाहन चालक गिरकर घायल हो जाते हैं, लेकिन फिर भी इसके निर्माण को लेकर जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले लोग अपने को भाग्यशाली समझते हैं कि सही सलामत घर पहुंच गए। सडक़ निर्माण को लेकर अब तक की कार्रवाई कागजी घोड़े दौड़ाने वाली जैसी साबित हुई।

मुरैना के रास्ते शहर को जोडऩे वाला पुरानी छावनी से मोतीझील, बहोड़ापुर का ये मेन रास्ता है। इस रोड पर हर रोज ३५०० से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसी रोड पर शहर का प्रमुख व्यापार केंद्र ट्रांसपोर्ट नगर भी बसा है। यहां हर रोज ४००-५०० छोटे-बड़े लोडिंग वाहन आते हैं। बारिश के समय जब ये वाहन इस सडक़ से गुजरते हैं तो वे गड्ढों में फंस जाते हैं। इस कारण कई बार रोड पर जाम की स्थिति बनती है। इसके अलावा इस रोड पर आगे जाकर संभाग की सबसे बड़ी फलमंडी है। यहां से भी हर रोज पूरे संभाग में फल का व्यापार होता है। सडक़ क्षतिग्रस्त होने से बारिश के मौसम में वाहन आने-जाने में दिक्कतों के चलते व्यापारियों के व्यवसाय पर भी असर पड़ता है।
शहर की 50 हजार से अधिक की आबादी जोड़ती है ये सडक़
यह सडक़ बहोड़ापुर क्षेत्र, गरगज कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, आनंद नगर, शिवशक्ति कॉलोनी, पुरानी छावनी एवं मोतीझील क्षेत्र में ५० हजार से अधिक लोग रहते हैं, जिन्हें हर रोज इस सडक़ से शहर में आने-जाने के लिए करना होता है।

दो विभागों के बीच एक साल से फंसा मामला
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण थ्री की यह सडक़ लंबे समय तक इसका हिस्सा रही है। यह सडक़ बानमोर से शुरू होती है और चौधरी ढाबा तक है। एनएचएआइ-थ्री ने बायपास मार्ग तैयार करने के बाद सडक़ लोक निर्माण विभाग को तीन साल पहले सौंप दी। लोक निर्माण विभाग ने डेढ़ साल पहले प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फिर से सडक़ लेने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद इस रोड की गजट नोटीफिकेशन प्रक्रिया नहीं हो सकी और मामला अटक गया। अब विभाग सडक़ निर्माण कराए जाने को लेकर फिर से कागजी मसौदा तैयार करने लगा है।

फैक्ट फाइल
सडक़ की लंबाई करीब—४ किमी

सडक़ के आस-पास कॉलोनी व मोहल्लों की संख्या करीब -१४
चौबीस घंटे में सडक़ से गुजरने वाले वाहनों की संख्या करीब—३५००

सडक़ का उपयोग करने वाले नागरिकों की संख्या—५० हजार से अधिक
इस मार्ग पर बड़े व्यापारिक केंद्र— ट्रांसपोर्ट नगर व फल मंडी

"इस सडक़ पर मरम्मत का कार्य जल्द कराया जाएगा। बारिश के बाद फोरलेन निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया निकाली जाएगी। इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।"
ज्ञानवर्धन मिश्रा, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग