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इन नर्सिंग कॉलेजों की संबध्दता हुई खारिज, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

मेडिकल यूनिवर्सिटी... कार्यपरिषद बैठक में अहम फैसले, ग्वालियर के दो नर्सिंग कॉलेजों सहित 5 की संबद्धता खारिज

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ग्वालियर. किराए के छोटे से भवन और बिना फैकल्टी व अस्पताल के संचालित नर्सिंग कॉलेजों के प्रकरण एक बार फिर मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में रखे गए। अर्हताओं के आधार पर डी समूह के 17 कॉलेजों में से 5 की संबद्धता को अमान्य कर दिया गया है। वहीं तीन कॉलेजों को सशर्त संबद्धता दी गई है। एक कॉलेज की संबद्धता का आवेदन तो मान्य किया गया, लेकिन उसपर तीन लाख रुपए की पैनाल्टी लगाई गई है।

मंगलवार को कार्यपरिषद बैठक में डी समूह के कॉलेजों में दोबारा कराए गए निरीक्षण की रिपोर्ट के साथ संबद्धता की अनुशंसा के प्रकरण रखे गए। बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के मापदंड पूरे नहीं करने वाले कॉलेजों के प्रति नरम रुख को लेकर उंगलियां उठी थीं। इसके बाद कार्यपरिषद के निर्णय पर ऐसे कॉलेजों में दोबारा निरीक्षण कराया गया था। मंगलवार को कार्यपरिषद के फैसले से 800 नर्सिंग स्टूडेंट्स के नर्सिंग की परीक्षा में बैठने का रास्ता खुल गया है। बैठक में कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल, डीन डॉ. गीता गुईन, कार्यपरिषद सदस्य डॉ. सुनील राठौर, डॉ. पवन स्थापक व रजिस्ट्रार डॉ. पुष्पराज बघेल शामिल थे।

इनको नहीं मिली संबद्धता...

थ्री एम पैरामेडिकल कॉलेज

विजयलक्ष्मी कॉलेज ग्वालियर

श्री विनायक नर्सिंग रतलाम

पार्थिवी कॉलेज ग्वालियर (प्रवेश नहीं होने से निरीक्षण नहीं कराया)

भारत इंस्टिटॺूट, मंडला


कार्यपरिषद का यह रहा फैसला

स्नेह कॉलेज भोपाल को पता बदलने की सूचना नहीं देने पर 3 लाख की पैनाल्टी लगाने के साथ संबद्धता दी गई।

हॉलीफैथ इंस्टिटॺूट में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते बीएससी नर्सिंग की 60 की बजाय 30 सीटों के लिए संबद्धता दी गई।

रिलायंस इंस्टिटॺूट ऑॅफ नर्सिंग मंडला की संबद्धता मान्य की गई, लेकिन इसमें 30 सीटों में सिर्फ 14 प्रवेशित छात्रों का ही पंजीयन मान्य होगा।

200 नर्सिंग स्टूडेंट फंसे

5 नर्सिंग कॉलेजों ने अहर्ताएं पूरी नहीं की। मेडिकल यूनिवर्सिटी की इंस्पेक्शन टीम से इंस्पेक्शन कराने से भी मना कर दिया। इन्हें वर्ष 2020-21 के लिए संबद्धता प्रदान नहीं की गई है। एसे में वहां के 200 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल पाएगा।

कंपनी का कार्यकाल बढ़ा : मेडिकल यूनिवर्सिटी में वर्तमान में आउटसोर्स कंपनी हाईट्स के डेढ़ सौ कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इस कंपनी का सेवाकाल एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव कार्यपरिषद् की बैठक में रखा गया। इसे कार्य परिषद् ने स्वीकृति दे दी।

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