
Outsourced employees प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: आउटसोर्स मैनपावर की त्रुटिपूर्ण टेंडर प्रक्रिया के बाद बने विवाद को बीते दिनों शासन ने खत्म कर दिया था। ऐसे में नगर निगम ने दोबारा से टेंडर प्रक्रिया करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे एमआईसी की ओर भी जल्द ही भेज दिया जाएगा। इसके बाद एमआईसी की स्वीकृति मिलने के बाद परिषद से पास होते ही आउटसोर्स पर कर्मचारियों की भर्ती शुरू की जाएगी।
बता दें कि सर्विस चार्ज की गलत गणना के कारण नगर निगम को होने वाली हानि को देखते हुए निगमायुक्त ने 65 करोड़ रुपये के आउटसोर्स मैनपावर टेंडर को लेकर परिषद द्वारा पारित किए गए ठहराव पर पुनर्विचार भेजा था, लेकिन परिषद ने इसे स्वीकार नहीं किया था।
ऐसे में अंतिम निर्णय के लिए निगमायुक्त ने मार्च 2025 में इस मामले में शासन से मार्गदर्शन मांगा था। सात जनवरी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने परिषद के ठहरावों को रद्द कर दिया है। इस मामले में निगमायुक्त संघप्रिय का कहना है कि टेंडर अभी तैयार किए जा रहे है, वह लगभग फाइनल भी हो चुके है। जल्द ही उन्हें एमआईसी की ओर भेजा जाएगा।
नगर निगम द्वारा वर्ष 2024 में आउटसोर्स मैनपावर की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें सर्विस चार्ज पर कंपटीशन होना था। टेंडर में दो कंपनियों को पात्र पाया गया, लेकिन सर्विस चार्ज की गलत गणना के कारण विधिक अभिमत के आधार पर प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए एमआइसी को भेजा गया था। एमआइसी ने इसे स्वीकार न करते हुए मैसर्स बिलीव साल्यूशंस सर्विसेज का आफर स्वीकार कर परिषद को भेज दिया।
परिषद ने भी इस मामले में पहले ठहराव कर दिया और इसके बाद आयुक्त के पुनर्विचार के प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया था। कार्यादेश जारी होने की स्थिति में निगम पर 3.22 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आ रहा था। इसको देखते हुए शासन ने परिषद के ठहराव को विखंडित कर दिया है।
Updated on:
04 Feb 2026 02:35 pm
Published on:
04 Feb 2026 02:19 pm
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