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भिंड, मुरैना, श्योपुर के बाद ग्वालियर में भी लंपी की दस्तक, गायों में दिख रहीं गांठें

-संभाग में अभी तक 319 सस्पेक्ट पशुओं में से 202 हुए ठीक

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भिंड, मुरैना, श्योपुर के बाद ग्वालियर में भी लंपी की दस्तक, गायों में दिख रहीं गांठें

भिंड, मुरैना, श्योपुर के बाद ग्वालियर में भी लंपी की दस्तक, गायों में दिख रहीं गांठें

ग्वालियर। राजस्थान से सटे संभाग के मुरैना जिले में लंपी वायरस का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके बाद श्योपुर और भिंड जिले के पशुओं के संक्रमण के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। भिंड के लहार में तीन दिन पूर्व लंपी के लक्षणों से पीडि़त एक गाय की मृत्यु हो चुकी है। इसके साथ ग्वालियर में भी 11 गायों में लंपी के लक्षण मिले हैं। हालांकि, अभी तक लिए गए 319 सेंपल में से 202 पशु ठीक हो चुके हैं, एक भी सस्पेक्ट लंपी पॉजिटिव नहीं निकला है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि किसान सावधानी अपनाएं तो संभाग के गांवों में लंपी का प्रकोप ज्यादा असर नहीं दिखा सकेगा। सबसे ज्यादा खतरा बेसहारा गायों को है, इनकी देखभाल न होने से ये रोग की वाहक बन सकती हैं, इसलिए अब पशु पालन और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें बस्तियों में घूमने वाली गायों पर नजर रख रही हैं।
यह है अभी तक की स्थिति
-ग्वालियर में बुधवार को एक सस्पेक्ट गाय का सेम्पल लिया गया है। अभी तक 11 सैम्पल हो चुके हैं, एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।
-सम्भाग में बुधवार को 65 सैम्पल लिए गए हैं। कुल सैम्पल 319 हुए हैं। इनमें से 202 सस्पेक्टेड पशु ठीक हो चुके हैं।
-बुधवार को 2888 पशुओं को वैक्सीन लगाई गई। अभी तक 13820 पशुओं को वैक्सीन लग चुकी है।
-सोमवार को भिंड जिले के लहार में एक सस्पेक्ट गाय की मृत्यु हुई है। गाय में लक्षण थे, उम्र ज्यादा थी।
इन लक्षणों के दिखते ही करें डॉक्टर को सूचना
-सबसे पहले बुखार आता है। पशु थका हुआ और सुस्त दिखने लगता है।
-पशु की नाक से पानी बहना शुरू होता है और लंगड़ाकर चलने लगता है।
-चारा खाना बंद कर देते हैं और चमड़ी पर गांठें दिखाई देने लगती हैं।
-अगर समय पर उपचार मिल जाए तो 10 से 12 दिन में पश्ुा स्वस्थ हो जाता है।
किसान खुद भी अपनाएं यह सावधानियां
-जिस पशु में संक्रमण नजर आए, उसे स्वस्थ पशुओं से अलग करें।
-किसी क्षेत्र में संक्रमण सामने आने पर पशु बिक्री, पशु प्रदर्शनी, पशु संबंधित खेल न होने दें।
-पशुओं की सार, बाड़ा, गोशाला आदि जगहों पर स्वच्छता बेहद जरूरी है।
-एक दिन छोड़कर जीवाणु एवं विषाणु नाशक रसायनों का उपयोग करें।
-पशुओं के शरीर पर रहने वाले किल्ली, मक्खी, मच्छर आदि से बचाव करें।
-समय पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें और टीकाकरण जरूरी कराएं।
वर्सन
-ग्वालियर में 11 सस्पेक्ट पशुओं के सेंपल लिए जा चुके हैं, संभाग में 319 पशुओं के सेंपल लिए जा चुके हैं। लंपी रोग पॉजिटिव पशु नहीं निकले हैं। हमारी टीमें लगातार वैक्सीनेशन कर रही हैं। पशु पालक किसानों को भी बचाव और सावधानियां अपनाने के लिए जागरुक किया जा रहा है। लहार में एक गाय के मृत होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उसकी उम्र बहुत ज्यादा थी।
डॉ अशोक तोमर, उप संचालक