13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां हो गई 25 लोगों की एड्स से मौत, आंकड़े जानकर हैरान रह जाऐंगे आप

यहां हो गई 25 लोगों की एड्स से मौत, आंकड़े जानकर हैरान रह जाऐंगे आप

2 min read
Google source verification
यहां हो गई 25 लोगों की एड्स से मौत, आंकड़े जानकर हैरान रह जाऐंगे आप

यहां हो गई 25 लोगों की एड्स से मौत, आंकड़े जानकर हैरान रह जाऐंगे आप

ग्वालियर/श्योपुर। प्रदेश के पिछड़े जिलों में शुमार श्योपुर जिले में अब एड्स न केवल पैर पसार रहा है बल्कि काल बनकर भी टूट रहा है। यही वजह है कि बीते 13 सालों में जिले में 77 एड्स पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 लोगों की मौत भी हो गई है। इसी के चलते जिले में बढ़ रहा एड्स का प्रकोप स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है।

बताया गया है कि एड्स की जांच के लिए श्योपुर में मई 2006 में एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र स्थापित किया गया। जिसके बाद मई 2006 से जिले में निरंतर एड्स की जांच की जा रही है। बताया गया है कि मई 2006 से 30 नवंबर 2018 की लगभग 13 साल की अवधि में 60 हजार 447 मरीजों की एचआईवी एड्स की जांच की गई, जिसमें 77 लोग एड्स पॉजिटिव पाए गए हैं। पॉजिटिव मिले 77 मरीजोंं में 36 पुुरुष, 31 महिला और 10 बच्चे शामिल हैं। इनमें 25 मरीजों की मौत हो गई है, जिनमें 14 पुरुष, 9 महिला और 2 बच्चे शामिल हैं।

यह भी पढ़े : म.प्र के इस जिल में उग्र हुए किसान, प्रशासन को दी ये धमकी

दवाओं से बढ़ जाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
चिकित्सकों के मुताबिक एचआईवी वायरस द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता नष्ट होने के पश्चात एड्स (एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम) होता है। डॉक्टरों ने बताया कि उपचार के दौरान दवाइयों से मरीज के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है साथ ही जीवन का समय भी बढ़ाया जा सकता है। श्योपुर में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को ग्वालियर और शिवपुरी के एआरटी सेंटरों के लिए रेफर किया जाता है, जहां उन्हें नि:शुल्क दवाइयां दी जाती है। इसके बाद लगातार मरीजों की मॉनिटरिंग व फॉलोअप होता है। वर्तमान में 52 पॉजिटिव मरीज ग्वालियर और शिवपुरी के एआरटी सेंटरों से दवा खा रहे हैं। इनमें 22 पुरुष, 22 महिला और 8 बच्चे शामिल हैं।


इन कारणों से फैलता है एड्स
एड्स का पूरा नाम है एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम है और यह बीमारी एचआईवी वायरस से होती है। एड्स एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला से उसके बच्चे को, असुरक्षित यौन संबंध से या संक्रमित रक्त चढ़ाने से या संक्रमित सिरिंज(सूई) के प्रयोग से हो सकता है।











पिछले 13 साल में जिले में एड्स एक नजर में










वर्षकुल जांचपॉजीटिव



















2006 3433
2007 1474 1
2008 953 2



















200912005
2010 2293 6
2011 2579 6



















2012 58166
2013 6545 3
2014 6951 6




















2015 73337
2016 6630 7
2017 789615














2018 9464 10
कुल 60447 77

एचआइवी पॉजिटिव आने के बाद दवाइयों से मरीज के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। श्योपुर के मरीजों को ग्वालियर व शिवपुरी के एआरटी सेंटरों से नि:शुल्क दवाइयां दिलाई जाती है। साथ ही हम लगातार फॉलोअप भी करवाते हैं।
हेमंत पचौरी, प्रभारी,एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र श्योपुर