तीन महीने बाद प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर की दान पेटियों में 28 हजार 500 रुपए की अप्रचलित मुद्रा भी निकली है। इनमें 1 हजार के 16 नोट व 500 के 25 नोट शामिल हैं।
ग्वालियर. तीन महीने बाद प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर की दान पेटियों में गिनती बुधवार को कोर्ट द्वारा नियुक्त रिसीवर रिटायर्ड जज अवधेश श्रीवास्तव के मागदर्शन में बैंककर्मियों ने की। 13 में से 12 पेटियों की गिनती में 7 लाख 18 हजार की रकम निकली है। 10 रुपए के सिक्कों व नोटो की गिनती नहीं हो सकी है जिन्हें बोरों में बंद कर रखवाया गया है इनकी गिनती बाद में होगी।
गिनती में शामिल अपर लोक अभियोजक मृत्युंजय गोस्वामी ने बताया कि शिवरात्रि पर मार्च के महीने में अचलेश्वर मंदिर की दानपेटियों की गिनती की गई थी। इसके बाद बाद बुधवार को फिर से दानपेटियों की गिनती कराई गई। सुबह 11.30 बजे रिसीवर अवधेश श्रीवास्तव, लोक अभियोजक विजय शर्मा और तहसीलदार सुभ्रता त्रिपाठी की मौजूदगी में बैककर्मियों ने गिनती शुरू की। कुल 13 में से 12 पेटियों को खोलकर रकम की गिनती की गई। रात 8 बजे तक चली गिनती में 7 लाख 18 हजार रकम पेटियों में से निकली। पेटियों में से निकले 10 रुपए के सिक्के व 10 रुपए के नोटों की गिनती नहीं हो सकी। इन्हें कट्टों में भरकर सीलबंद कर रखवाया है।
महादेव के दरबार में नौकरी की अर्जी
मंदिर की दानपेटियों की रकम की गिनती के दौरान कुछ पेटियों में भक्तों द्वारा बाबा अचलनाथ को डाली गई अर्जियां भी निकली। इनमें ज्यादातर अर्जी युवाओं की हैं जिन्होंने नौकरी के लिए अर्जी लगाई है। एक युवा ने यूपीएससी में सफलता के लिए कागज पर अर्जी लिखकर डाली तो एक युवा ने अर्जी पर लिखा है कि बाबा मेरे पिता और मेरी पत्नी में आपस में बनने लगे।