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अधिकारी, कर्मचारियों का मनमाना राज, दफ्तर खुलने के समय कुर्सियां खाली , जानिए कहां क्या हालात मिले

अफसरों, बाबुओं की लेटलतीफी के कारण अपने काम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है। यही हाल शहर के शासकीय अस्पतालों का है, वहां डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते हैं

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अधिकारी, कर्मचारियों का मनमाना राज, दफ्तर खुलने के समय कुर्सियां खाली , जानिए कहां क्या हालात मिले

ग्वालियर। सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों, कर्मचारियों की मनमानी चल रही है, कोई भी समय पर अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहा है। अफसरों, बाबुओं की लेटलतीफी के कारण अपने काम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है। यही हाल शहर के शासकीय अस्पतालों का है, वहां डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते हैं, जिससे मरीजों को घंटों उनका इंतजार करना पड़ता है।

शुक्रवार को पत्रिका की अलग-अलग टीमों ने दफ्तरों के खुलने के समय पर संभागीय कमिश्नर कार्यालय, कलक्ट्रेट, नगर निगम, सीएमएचओ कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, मुरार हॉस्पिटल, सिविल हॉस्पिटल, जेएएच, आंगनबाड़ी केन्द्र आदि का भ्रमण किया तो अधिकतर या तो बंद मिले, या उनमें अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिले।

सुबह- 10.30 बजे
स्थान- महिला एवं बाल विकास संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय मोतीमहल
दृश्य- यहां पर ताला लटका हुआ था।

सुबह: 10.30 बजे
स्थान- नगर निगम मुख्यालय
दृश्य- यहां भंडार शाखा में प्रभारी अपने कक्ष में दिखाई नहीं दिए, न ही कोई कर्मचारी था। दूसरी शाखाओं के गेट तो खुले थे, लेकिन उनमें कोई अधिकारी, कर्मचारी नहीं था।

सुबह-10.30 बजे
स्थान- कलक्टर कार्यालय भवन
दृश्य- सूचना के अधिकार के प्रभारी अपने चैंबर में दिखाई नहीं दिए। शिकायत शाखा में एक-दो लोग ही थे। जनता की सुविधा के लिए बनाए गए जिला सम्पर्क केन्द्र के साथ पूछताछ एवं सहायता केन्द्र, निर्वाचन सुविधा केन्द्र, शिकायत एवं सुझाव केन्द्र में कोई नहीं था। यह पूरी तरह खाली थे।

सुबह- 10.31 बजे
स्थान- सीएमएचओ कार्यालय
दृश्य- कार्यालय खुला था, साफ-सफाई चल रही थी, लेकिन कोई अधिकारी, कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस संबंध में पूछने पर पता चला कि यहां कभी कोई समय पर नहीं आता।

सुबह- 10.35 बजे
स्थान- संभागीय कमिश्नर कार्यालय
दृश्य- प्रवेश द्वार तो खुला था, लेकिन संभागीय कमिश्नर कार्यालय के द्वार पर ताला लटका था। वहां एक भृत्य खड़ा होकर इंतजार कर रहा था।

सुबह- 10.40 बजे
स्थान- शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला
दृश्य- कार्यालय तो खुला था, लेकिन कुर्सियां खाली थीं। कोई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद नहीं था।

सुबह- 10.45 बजे
स्थान- असिस्टेंट रजिस्टार फम्र्स संस्थाएं
दृश्य- कार्यालय का गेट खुला था, लेकिन यहां कोई नजर नहीं आया, यहां घूम रहे एक व्यक्ति का कहना था 11-11.30 बजे से पहले यहां कोई नहीं आता है।

10.30 से 10.45 बजे के बीच

बंद मिलीं यह आंगनबाड़ी
गरम सडक़, आजाद नगर, खटीक मोहल्ला, दुल्लपुर, गोसपुरा नम्बर दो की आंगनबाड़ी बंद मिलीं।


अस्पतालों में मरीज कर रहे थे डॉक्टर का इंतजार
-जेएएच में ओपीडी खुलने का समय सुबह 8 बजे का है। यहां 9.30 से 9.45 बजे के बीच पत्रिका टीम ओपीडी पहुंचीं तो दांत और आंख से संबंधित ओपीडी के बाहर मरीज काफी थे, लेकिन डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं थे। एक मरीज ने बताया कि सुबह 9 बजे से डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। बाकी ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ दिखाई दी।
-सिविल हॉस्पिटल में तीन डॉक्टरों को ओपीडी में बैठना था, वहां प्रभारी डॉक्टर नवीन नायक तो दिखे, लेकिन दोनों ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं था, मरीज वहां इंतजार कर रहे थे।
-मुरार जिला अस्पताल में ओपीडी के समय एक कक्ष में तीन डॉक्टर बातें करते दिखे, वहां कुछ मरीज पूछताछ केन्द्र पर पर्चा बनवाने के लिए पूछताछ करते दिखे।