
अटल की कविताओं में जिंदगी का सार, कई लोग इनसे प्रभावित होकर आए राजनीति में
ग्वालियर। अटल जी की हालत नाजुक है। वे अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकी उन्होंने देश के लिए दशकों तक संघर्ष ही किया है। अटल बिहारी वाजपेयी राजनेता होने के अलावा बहुत ही मशहूर कवि भी रहे हैं, । उनकी कविताओं में जीवन का संघर्ष,सच्चाई,सार्थकता आदि जिन शब्दों में पिरोऐ जाते रहे हैं वह अद्भुत हैं। आज हम आपको उनकी कुछ सबसे ज्यादा खास कविताओं के रूपरू कराएंगे। जिनमें उन्होंने जीवन का सार बताया है।
"क्या खोया क्या पाया जग में" "जो कल थे,वे आज नहीं हैं।" "एक बरस बीत गया"
क्या खोया क्या पाया जग में पृथ्वी लाखों वर्ष पुरानी इतना काफ़ी है अंतिम दस्तक जन्म मरण का अविरत फेरा अँधियारा आकाश असीमित - अटल बिहारी वाजपेयी | जो कल थे, सत्य क्या है? प्रत्येक नया नचिकेता, - अटल बिहारी वाजपेयी | एक बरस बीत गया सींकचों में सिमटा जग पथ निहारते नयन - अटल बिहारी वाजपेयी |
Published on:
16 Aug 2018 02:28 pm
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