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बड़ी इमारत वही बनती है, जिसकी नींव मजबूत हो : सिंधिया

Jyotiraditya Scindia in Patrika Medex Prestigious Honors Achievers 2026: केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मेडेक्स गौरवशाली सम्मान में पत्रिका के संस्थाक कर्पूर चंद्र कुलिश जी की विचारधारा और गुलाबचंद कोठारी और उनके पौत्रों निहार कोठारी, सिद्धार्थ कोठारी के नेतृत्व को पत्रिका की ताकत बताते हुए कहा-75 साल पहले बोया बीज आज वटवृक्ष बन चुका है।

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Patrika Medex Magazine Prestigious Honors Achievers 2026 (1)

Patrika Medex Magazine Prestigious Honors Achievers 2026: डॉक्टर्स को सम्मानित करने के बाद ऐसा दिखा उत्साह, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ एमपी स्टेट एडिटर पंकज श्रीवास्तव और स्थानीय संपादक प्रवेंद्र तोमर।(patrika photo)

Jyotiraditya Scindia in Patrika Medex Prestigious Honors Achievers 2026: सिद्धांतों की नींव पर खड़ी पत्रकारिता और सेवा को समर्पित चिकित्सकीय समाज.. इन्हीं दो मूल स्तंभों का सम्मान पत्रिका मेडेक्स गौरवशाली सम्मान अचीवर्स अवॉर्ड- 2026 में देखने को मिला। यहां मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश जी की विचारधारा, उनके सिंद्धांतों को याद करते हुए कहा, 75 साल पहले जो बीज कुलिश जी ने बोया वो आज उनके पुत्र गुलाब कोठारी और पौत्र निहार कोठारी, सिद्धार्थ कोठारी के नेतृत्व में वट वृक्ष बन गया है। सिंधिया ने कुलिश के सिद्धांतों की नींव और गुलाब कोठारी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे पत्रिका को नई दिशा और भविष्य दे रहे पौत्रों की जमकर तारीफ की। 75 साल बाद भी पत्रिका की अनशासनवादी सोच और मूल्यों की निरंतरता की सराहना की। मेडेक्स गौरवशाली सम्मान अचीवर्स अवॉर्ड- 2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि 'एक युवा भारत और क्षमतावान भारत तभी बन पाएगा, जब उसमें चिकित्सकों की बिरादरी का महत्वपूर्ण योगदान शामिल होगा। बड़ी इमारत बनती है तो उसकी नींव मजबूत होना चाहिए। नींव बनाने का काम, गड्ढा खोदकर नींव बनाने का काम मेरे यही जीवनदाता करते हैं।

सिंधिया ने किया प्रणाम

आपको धन्यवाद नहीं करना चाहता, मैं आपको प्रणाम करना चाहता हूं। आपके लिए यदि मैं डॉक्टर का शब्द इस्तेमाल करुंगा तो न्याय संगत नहीं होगा। जो आप कार्य करते हैं मैं तो यह मानता हूं कि आप हमारे जीवनदाता हैं... जो आज हमारे इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं।'

50 प्रतिष्ठित चिकित्सकों को दिया सम्मान

केंद्रीय मंत्री सिंधिया बुधवार की शाम होटल इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में पत्रिका की ओर से आयोजित मेडेक्स गौरवशाली सम्मान अचीवर्स-2026 में मुख्य अतिथि की आसंदी से उद्बोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में शहर के 50 प्रतिष्ठित चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भौतकी प्लस के डायरेक्टर ऋतेश गोयल, श्री विनायक सिटी के सेल्स हेड नवीन अमूलानी, पत्रिका के राज्य संपादक पंकज श्रीवास्तव, स्थानीय संपादक प्रवेन्द्र सिंह तोमर, मार्केटिंग हेड शशि चांदिल व अन्य मौजूद थे। संचालन डॉ. सुधीर आचार्य और शिल्पी जैन ने किया।

सिद्धांतवादी सोच अनुशासनवादी विचारधारा के साथ काम कर रहा पत्रिका

केंद्रीय मंत्री सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि, पत्रिका एक ऐसी संस्था है जिसकी नींव कर्पूर चंद्र कुलिश जी और उनके साथियों ने 75 वर्ष पूर्व उस विचारधारा के साथ रखी थी, जो पत्रकारिता की स्वतंत्रता स्पष्ट विचारधारा और सिद्धांतों के आधार पर पाठक को ज्ञान, पाठक को सूचना, पाठक को एक नई सचेता के साथ उनकी सेवा में राजस्थान पत्रिका हर पल-पल पर उजागर करता है। जो बीज कुलिश जी ने 75 वर्ष पूर्व बोया था, आज वो एक राष्ट्रव्यापी वट वृक्ष के रूप में स्थापित हो गया है।

पत्रिका कोई मामूली अखबार नहीं...दीं शुभकामनाएं

ग्वालियर में आयोजित इस कार्यक्रम में सिंधिया ने पत्रिका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि, पत्रिका एक मामूली अखबार नहीं, ऐसी संस्था है जिसके आधार पर सिद्धांतवादी सोच अनुशासनवादी विचारधारा जिसकी नींव उन चार हस्तियों ने रखी थी। आज गुलाबचंद कोठारी, उनके दोनों सुपुत्र (निहार कोठारी और सिद्धार्थ कोठारी) और इस पत्रिका समूह के परिजनों (पत्रकारों) के नेतृत्व में वो बीज फल-फूल चुका है। मैं बधाई देना चाहता हूं और कितना अच्छा दिन है, आज जिस दिन ये कार्यक्रम हुआ है पूरे वर्ष में ऐसा दिन नहीं हो सकता। आज मकर संक्रांति का शुभ दिन है। सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी देना चाहता हूं।

कुलिश जी का डीएनए काम कर रहा

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा कि कर्पूर चंद्र कुलिश जी केवल एक पत्रकार नहीं थे, वे एक लेखक थे, एक कवि थे और उनकी जिंदगी में जो उसूल होते थे, उनके साथ वे कभी भी समझौता नहीं करते थे। वही डीएनए उनके पुत्र गुलाब कोठारी और उनके पौत्रों (निहार कोठारी और सिद्धार्थ कोठारी) के साथ ही उनकी संस्था (पत्रकारों) में भी हैं। वही मूल्य सिद्धांत संपूर्ण संस्था के परिजनों में भी पुलकित हो रहे हैं।

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