
भाजपा के दिग्गज नेता बोले जनहित में कड़े फैसले लेने से नहीं चूकते थे गौर, और ये
ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर जनहित में कड़े फैसले लेने से नहीं चूकते थे। यही कारण था कि अतिक्रमण के खिलाफ उनकी मुहिम के कारण उन्हें बुल्डोजर मंत्री कहा जाने लगा था। उन्होंने ग्वालियर के विकास के लिए हमेशा मुक्त हस्त से मदद की। ग्वालियर में उनकी उपस्थिति में ही सूर्यनमस्कार का पहला विश्व रिकार्ड 19 नवंबर 2005 को बना था बाद में 2015 में दिल्ली में यह रिकार्ड टूट गया।
बाबूलाल गौर के निधन पर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि गौर ने उनके पिता के साथ काम किया है, इस कारण वे मेरे लिए सदैव आरणीय रहे। मैं जब महापौर बना था तब वे नगरीय प्रशासन मंत्री थे, इस नाते उनका मार्गदर्शन मिलता था। वे ऐसे मंत्री थे जो जनता की नब्ज जानते थे। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है। पूर्व मंत्री ध्यानेन्द्र सिंह ने कहा कि गौर वक्त के पाबंद थे और कडक़ नेता थे।
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अर्जुन सिंह उन्हें मॉनिटर कहते थे। जिलाध्यक्ष डॉ देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि गौर के निधन से पार्टी को बड़ी क्षति हुई है। वे ऐसे नेता थे जिनका मतदाताओं से सीधा संपर्क रहता था,यही कारण था कि वे चुनाव नहीं हारे। भाजपा नेता डॉ. राजेश उपाध्याय ने कहा कि बाबूलाल गौर का कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन मिलता था। उनका जब भाजपा सत्ता में नहीं थी तब भी और सत्ता में आने के बाद उनके मुख्यमंत्री और मंत्री बनने पर भी ग्वालियर के विकास में मदद की।
प्रेरणादायी नेता रहे बाबूलाल गौर
केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर से एक कार्यकर्ता के नाते मेरा संपर्क रहा। वे एक सक्षम और प्रेरणादायी नेता रहे। उनसे हमेशा नित नया काम करने की मुझे प्रेरणा मिलती थी। संगठन के दायित्वों के साथ उन्होंने प्रशासनिक पदों पर रहकर सफलतम कार्य किया। मध्यप्रदेश के विकास में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। तोमर ने कहा कि उनके साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला। उनके निधन से सार्वजनिक जीवन में जो रिक्तता आई है उसकी भरपाई असंभव है।
चेंबर के शताब्दी वर्ष के लोगो का किया था अनावरण
गौर के आकस्मिक निधन पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के पदाधिकारियों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से बड़ी क्षति हुई है। चेम्बर अध्यक्ष विजय गोयल, उपाध्यक्ष पारस जैन, मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल, ब्रजेश गोयल एवं वसंत अग्रवाल ने कहा कि गौर स्पष्टवादी स्वभाव के थे। पदाधिकारियों ने कहा कि गौर मुख्यमंत्री रहते हुए 17 जून 2005 को चेम्बर ऑफ कॉमर्स में आए थे यहां उन्होंने चेम्बर के शताब्दी वर्ष का औपचारिक शुभारंभ कर शताब्दी प्रतीक (लोगो) का अनावरण भी किया था।
Updated on:
22 Aug 2019 03:22 pm
Published on:
22 Aug 2019 03:14 pm
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