
फर्जी डीएड की अंक सूची लगाकर बने शिक्षक, पोल खुली तो पहुंचे जेल
भितरवार(डबरा). डीएड की फर्जी अंकसूची लगाकर 2006-07 में नौकरी पाने वाले दो शिक्षकों को पुलिस ने कस्बे के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां जेल भेज दिया गया। 2017 में 8 शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी। पूर्व में चार शिक्षक पकड़े जा चुके है।
भितरवार पुलिस ने रविवार को मुसाहरी के शिक्षक नरेश मोदी को उसके घर भितरवार से और रिछारी के शिक्षक राजेन्द्र रावत को उसके गांव से रविवार देर रात गिरफ्तार किया । ये दोनों शिक्षक एफआइआर होने के बाद भी नियमित स्कूल पहुंच रहे थे। इनके खिलाफ शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई नहीं की थी। सोमवार को गिरफ्तार दोनों शिक्षकों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया है। इस मामले में दो शिक्षक अभी भी फरार है। जबकि दसरथ सिंह राणा, महेन्द्र रावत निवासी खड़ीचा, वीरेन्द्र रावत निवासी मैना व राजू धौरोलिया निवासी रुद्ध का पुरा को पूर्व में पकड़ लिया है।
डीएड की फर्जी अंकसूची लगाकर 8 शिक्षकों ने नौकरी पाई थी। इन शिक्षकों ने 2002 से 2006के बीच डीएड परीक्षा पास करने की अंकसूची लगाई थी। 2017 में इन सभी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
एसडीओपी भितरवार जितेन्द्र नगाइच ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दो शिक्षकों को पकड़ा गया है। जिनके खिलाफ फर्जी अंकसूची लगाने का 2017 में मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार जेल भेज दिया है। पूर्व में चार शिक्षकों को पकड़ा गया है जल्द ही शेष दो शिक्षकों को भी पकड़ लिया जाएगा।
Published on:
18 Mar 2024 11:29 pm
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