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अपराधों के खिलाड़ी किताबों से करेंगे मंथन, सलाखों में पढाई की तैयारी

भविष्य संवारने बंदी देंगे 10 वीं

एनआइओयू कराएगा पढाई

कत्ल, लूट, रेप जैसे संगीन अपराधों का कलंक झेल रहे बंदियों की जिदंगी में अब किताबों की आहट सुनाई देगी। इसलिए सलाखों में 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा का खाका खींचा जा रहा है। इसके लिए नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) ने कदम बढ़ाया है। जेल अधिकारी कहते हैं बात लगभग पक्की हो चुकी है बस कुछ कागजी खानापूर्ति बची हैं। फिर जेल कारागार के साथ परीक्षा केंद्र भी बनेगी।
ग्वालियर की सेंट्रल जेल में महिला और पुरुष समेत करीब 3200 बंदी हैं। इनमें तमाम बंदी अपराध से निकलना चाहते हैं। लेकिन माली हालत खराब होने की वजह से किताबों से दूर रहे हैं अब इन बंदियों को सलाखों में रह कर भी 10 वीं और 12 वीं की पढाई का मौका मिलेगा इसकी तैयारी हो रही है। इसलिए नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ओपन स्कूल ने बंदियों को हाइ स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दिलाने की स्वीकृति भी दी है। बस उनकी टीम का जेल में आकर परीक्षा के आयोजन के लिए जरुरी इंतजाम का जायजा लेना बाकी है।

सलाखों में 68 बंदी, 11 पाठयक्रम

जेल अफसर कहते हैं सलाखों में जीवाजी विश्वविद्यालय से संचालित बीए, बीकॉम, एमकॉम, एमए इतिहास, एमए भूगोल, पत्रकारिता और फेशन डिजाइनिंग, औषधिय पौधों की खेती, फलित ज्योतिष और भौतिक गणित के पाठयक्रमों में 48 बंदी, भोज मुक्त विश्विद्यालय से बीए, एमए, डीसीए और डिप्लोमा इन रामचरित मानस की महिला बंदी सहित कुल 5 बंदी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से 15 बंदी बीए की पढाई कर रहे हैं। लेकिन कारागार में 10 वीं और 12 वीं की पढाई का इंतजाम नहीं रहा है। जबकि हाइ स्कूल और इंटरमीडिएट की पढाई करने की चाहत तमाम बंदियों में है।

जेल में होगी पढाई, परीक्षा केंद्र बनेगी

जेल में बंदियों को 10 वीं और 12 वीं की पढाई करने और परीक्षा दिलाने का इंतजाम किया जा रहा है। जुर्म में जेल आए बंदी पढ़ लिखकर सलाखों से बाहर निकलेंगे तो उन्हें भविष्य सुधारने का मौका मिलेगा। वैसे तो जेल में ग्रेजुएशन की पढाई करने वाले काफी बंदी हैं। लेकिन हाइ स्कूल और इंटरमीडिएट की पढाई और परीक्षा का इंतजाम नहीं था। अब इसकी भी शुरुआत होगी। एनआइओएस ने इसकी स्वीकृति दी है। इसकी शुुरुआत के लिए कुछ खानापूर्तियां होना बाकी हैंं। उम्मीद है कि जेल बंदियों के साथ बाहरी छात्रों के लिए भी 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं का सेंटर बनेगी।
विदित सिरवैया जेल अधीक्षक ग्वालियर