
बेसिक प्रोफ़ाइल पत्रिका ग्वालियर के संस्करण में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर पदस्थ हूं संपादकीय विभाग में कार्यरत हूं दैनिक पत्रिका के ग्वालियर संस्करण में पिछले 13 साल से कार्यरत हूं। किन विषयों को कवर करता हूँ :- दैनिक पत्रिका में कार्यरत रहने के दौरान पुलिस, सेना, सीबीआइ, सीआइडी, आइबी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, नारकोटिक्स, जेल, मेडिकल, रेलवे, सामाजिक विषयों पर खबरों का कवरेज किया है। अपराध बीट में मुख्य खास जानकारी विशेषज्ञता है। ग्वालियर शहर के अलावा देहात के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में कवरेज किया है। खबरों के संकलन के लिए स्पॉट रिपोर्टिंग करता हूं। ग्वालियर दस्यु और अपराध प्रभावित क्षेत्र है इसलिए पूरे जिले के सभी अपराध प्रभावित इलाकों में कार्य किया हिन्दी के साथ अंग्रेजी भाषा का ज्ञान है। पत्रिका में कार्यरत रहते हुए गन गोली और ग्वालियर के नाम से अभियान संचालित किया। इसके परिणाम में प्रशासन ने अवैध कारतूसों के कारोबार पर कसावट की। चिटफंड का चूना के नाम से अभियान चलाया इसके आधार पर प्रशासन और ग्वालियर के अलावा राजस्थान से चिटफंड के सरगनाओं को गिरफ्तार किया। नशे पर अभियान चलाया: नशा कारोबार के अडडों का स्टिंग ऑपरेशन परिणाम जनक रहा। पत्रिका में प्रकाशित खबरों के आधार पर नशा कारोबार पर पुलिस ने कसावट की। साइबर क्राइम पर श्रंख्लाबद्ध खबरे प्रकाशित कीं, इनके जरिए लोगों को जागरुक किया। स्कूल, कॉलेज, टाउनशिप और बस्तियों में सेमीनार और मीटिंग आयोजित कर लोगों को जागरुक किया। ग्वालियर जेल में बंद पाकिस्तानी जासूस अब्बास की समय से पूर्व जेल से रिहाई की साजिश को खबरों के जरिए नाकाम कर रिहाई पर रोक लगवाई। बांग्लादेशी घुसपेठिए अलमक्की के लिए पडाव थाने में बनाए डिटेंशन सेंटर में घुसपैठिए के सोशल मीडिया और फोन के जरिए सरहद पार सतत संपर्क का खुलासा। पत्रिका में प्रकाशित खबरों के आधार पर घुसपैठिए को दोबारा जेल में दाखिल किया गया और वहीं स्थाई डिटेंशन सेंटर बनाया गया। मेरी पृष्ठभूमि पिछले 26 साल से पत्रिकारिता में कार्यरत हूं। वर्ष 2013 में दैनिक पत्रिका ज्वाइन किया है। दैनिक स्वदेश, दैनिक जागरण, इंडिया न्यूज, बंसल न्यूज में भी संवाददाता के तौर पर कार्य कर चुका हूं। ्रशिक्षा:- जीवाजी विश्वविद्यालय से बीकॉम (ग्रेजुएशन), डिग्री इन मास कम्यूनिकेशन किया है। पत्रकारीय नैतिकता: पत्रिकारिय मूल्य: निष्पक्षता, स्वतंत्रता, जनहित और तथ्यपरकता पत्रकारिता के मूल मूल्य हैं। हर खबर में सत्य और पाठकों के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संपादकीय मानक: खबरों की भाषा स्पष्ट, संतुलित और जिम्मेदार होनी चाहिए। सनसनीखेज प्रस्तुति से बचते हुए समाचार की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखना जरूरी है। सटीकता और सत्यापन: किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों, आंकड़ों, नामों और दावों का विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापन आवश्यक है। संदेह की स्थिति में पुष्टि के बिना जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए। नैतिक रिपोर्टिंग के तरीके: नजता, मानवीय गरिमा और संवेदनशील मामलों का सम्मान करते हुए रिपोर्टिंग की जानी चाहिए। पीडि़तों की पहचान और संवेदनशील सूचनाओं के प्रकाशन में विशेष सावधानी जरूरी है। संपादकीय नीति का लिंक: संपादकीय नीति पाठकों को यह स्पष्ट करती है कि समाचार संस्था तथ्य-जांच, निष्पक्षता, स्वतंत्रता और नैतिक पत्रकारिता के किन मानकों का पालन करती है। नीति को सार्वजनिक और आसानी से उपलब्ध रखना पारदर्शिता बढ़ाता है।
1
2
3
4
5
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special
बिहार चुनाव
